उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
Banda News
Banda News|Uday Bulletin
टॉप न्यूज़

पेयजल सप्लाई नलकूप ऑपरेटर ने किया जीना मुश्किल, लोगों के लिए पानी भी मुश्किल

अब पानी की सप्लाई में भी भ्रस्टाचार

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

भारत का भविष्य पानी की समस्या को लेकर बेहद मुश्किल होने वाला है, बुंदेलखंड में हालात इससे पहले ही बदतर होते जा रहे है, एक ओर जहां सरकारी नलों ने पानी देने में अपने हाँथ खड़े कर दिए है वही सरकारी सप्लाई पेयजल ऑपरेटर अपनी मनमानी करने पर उतारू है,स्थानीय निवासियों के अनुसार ऑपरेटर अपनी मर्जी के हिसाब से जब चाहे पानी छोड़ देता है और हफ्ते में चार-चार दिन लोगो को गांव में एकमात्र चलते नल के सामने घण्टो खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना होता है,

मामला उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले के मटौन्ध ग्रामीण क्षेत्र स्थित ग्राम लोहरा का है, जहाँ सरकार ने विगत वर्षों में पानी की भीषण किल्लत को देखते हुए पेयलज निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने हेतु नलकूप और पानी टंकी का निर्माण कराया हुआ था, जिस में विभाग ने एक स्थानीय युवक को ऑपरेटर के रूप में तैनात किया है, जिसका मुख्य काम टंकी की साफ सफाई, एवम पानी की सप्लाई है, लेकिन ऑपरेटर द्वारा इस काम मे भीषण कोताही बरती जा रही है, जिस वजह से आमजन को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है

टंकी की सफाई हुए लगभग पांच साल हो गए:

कहने को तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छता के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन निचले स्तर पर सफाई और साफ पेयलज के मापदंडों को कौन लागू कराएगा?

टंकी बने हुए लगभग पांच साल का समय बीत चुका है लेकिन बनने के समय से लेकर आज तक पानी की टंकी की सफाई का काम एक बार भी नही कराया गया जिसकी वजह से लोगो को काई युक्त और कीड़ो मकौडों के सहित पानी को पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है, विभाग समय-समय पर पानी को शुद्ध करने की कोशिश में ब्लीचिंग पाउडर जैसी चीजें उपलब्ध कराता रहा है लेकिन आजतक टंकी में सफाई और जल शुद्धिकरण के नाम पर एक चुटकी दवा का प्रयोग नही किया,

      स्थानीय निवासी ने नाम न लेने की शर्त पर बताया कि ऑपरेटर पेयलज विभाग की मिलीभगत का हिस्सा है, जिसकी वजह से आने वाली तमाम समाग्री को बाजार में ऊंचे मूल्य पर बेचकर काला बाजारी की जा रही है

पेयलज नलकूप का निजी उपयोग:

कहने को तो ये परियोजना जनता के लिए है लेकिन ऑपरेटर के द्वारा इस सुविधा का लाभ बेहद निजी तौर पर किया जा रहा है, सरकारी नलकूप में अपने पालतू जानवरों को बांधकर उनके लिए पम्प को चलाकर पानी का उपयोग करना आम बात है,लेकिन जैसे ही कोई ग्रामीण पेयजल आपूर्ति की बात करता है तो नलकूप न चलने की बात कहकर टहला दिया जाता है, ग्रामीणों के अनुसार इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पहले भी जानकारी दी गयी है , लेकिन उन्होंने सुधार की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया है,

पिछले चार दिन से पानी की आपूर्ति नहीं होने के कारण जनमानस बेहद परेशान है देखना यह होगा कि विभाग इस पर कब तक नजर डालता है