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मुस्लिम युवक ने खुद कटाई दाढ़ी, देना चाहा साम्प्रदायिकता का रंग, लेकिन पुलिस ने कलई खोल दी

ना जाने सच उगलवाने की कौन सी मशीन हैं उत्तर प्रदेश पुलिस के पास, एक और हिन्दू-मुस्लिम दंगा होते-होते बच गया।  

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

मामला उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का है जहां का निवासी मोहम्मद फारूक किसी काम से दिल्ली पहुंचा था, और वहां से लौटकर वापस बागपत आया, लेकिन जैसे ही वो घर आया वहां की कहानी गड़बड़ा गयी। घर पहुंच कर फारूक ने घर वालों और रिश्तेदारों को यह बताया कि उसके साथ ट्रेन में मारा पीटी हुई और दाढ़ी इत्यादि काट दी गयी, गौरतलब हो मुस्लिम समुदाय में दाढ़ी का सीधा संबंध धर्म से होता है,और यही से बखेड़ा खड़ा होना शुरू हुआ, एक सज्जन मोहम्मद वदूद साजिद जो शायद फारूक के रिश्तेदार है और मामले को लेकर ट्विटर पर कूद गए रेलवे के तमाम ट्विटर हैंडल समेत योगी आदित्यनाथ , अमित शाह, बागपत पुलिस, एनडीटीवी के पत्रकार रविश कुमार, और एनडीटीवी को टैग करके मामले की शिकायत की।

मामला धर्म से जुड़ा होने के कारण इसे बेहद तत्परता के साथ देखा गया, आरपीएफ ने स्थानीय थाने और उत्तर प्रदेश पुलिस से सम्पर्क किया, जब मामला बागपत पुलिस के पास पहुंचा तो जैसा कि यूपी पुलिस सच निकलवाने की डिग्री हासिल किए बैठी है उसकी सख्ती दिखाई, सख्ती के आगे फारूक ने सारा सच उगल दिया और सारी कहानी बयां कर दी।

फारूक ने बताया कि 29 अगस्त को वह अपने दोस्त के यहाँ दिल्ली गया था , जहाँ ज्यादा गर्मी होने के कारण उसने दाढ़ी बनवा ली और फिर जब जल्द ही बागपत आना हुआ तो लोक लाज की वजह से उसने एक कहानी रची , जिस से उसकी फजीहत न हो, और रास्ते में घर जाते वक्त कपड़े भी फाड़ लिए जिस से मामला साम्प्रदायिक लगे ,लेकिन मामला धार्मिक होने की वजह से पुलिस ने सारे मामले को खोल कर फैला दिया अब फारूक ने अपनी गलती स्वीकार कर लिया है और सबसे माफी मांगी है, देखना यह है कि रेलवे और बागपत पुलिस इस माफी को स्वीकारती है या नहीं।