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Finance Minister Nirmala Sitharaman
Finance Minister Nirmala Sitharaman|Social Media
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वित्त मंत्री ने बैंकों की छंटनी कर दी, अब देश में रह गए 12 सरकारी बैंक 

इन बड़े बैंकों का होगा विलय 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज भारत की सुस्त होती अर्थव्यवस्था को लेकर मीडिया से मुखातिब हुई, जहां उन्होंने केंद्र सरकार की 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी के सपने को फिर से दोहराते हुए बैंकिंग सेक्टर में महत्वपूर्ण रिफार्म की घोषणा की, वित्त मंत्री ने कहा कि 'हम बैंकिंग सेक्टर में बड़े बदलाव करने जा रहे हैं, इससे बैंकों और ग्राहकों को फायदा होगा।’

वित्त मंत्री ने ऐलान करते हुए कहा कि ‘साल 2017 में देश में कुछ 27 बैंक थे लेकिन समय के साथ लोगों के हितों को देखते हुए बदलाव हुआ अब 18 बैंक हैं लेकिन एक बार फिर हम बैंकिंग सेक्टर में रिफार्म लाने के लिए बैंकों का विलय कर रहे हैं।’ वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाईटेड बैंक का विलय होगा, जिसके बाद वह बैंक समूह देश का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक बन जाएगा।

बैंकों का विलय
बैंकों का विलय
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इन बैंकों का हुआ विलय

  • केनरा बैंक का सेडिकेंट बैंक में विलय हो गया।
  • इंडियन बैंक का इलाहाबाद बैंक में विलय हो गया।
  • यूनाइटेड बैंक और OBC बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय हो गया।
  • यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक का कारपोरेशन बैंक में विलय हो गया।

वित्त मंत्री ने कहा कि बीते कुछ सालों में बैंकों का NPA (Non-Performing Asset) घटा है, बैंक मुनाफा कमा रहे हैं, अभी सार्वजनिक क्षेत्र के 18 बैंकों में से 14 बैंकों की हालत ठीक है जबकि चार बैंक अभी भी घाटे में है। हम नहीं चाहते कि नीरव मोदी जैसी घटना फिर से दुहराई जाए, बैंक खुद पर निगरानी रखेगी, लोन की मंजूरी देने के बाद उनपर भी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही सरकार रिटेल लोन में बढ़ोतरी करेगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि 'पिछले साल बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक का विलय हुआ था, जिसके बाद बैंकों को मुनाफा हुआ, लोन रिकवरी में तेजी आई, सकल एनपीए 7.90 लाख करोड़ रुपये तक कम हुआ। इस विलय के बाद किसी भी कामगार की छंटनी नहीं की गई थी। एक बैंक के अच्छे कार्यों को दूसरे बैंकों में भी लागू किया गया है, इसलिए उत्पादकता बढ़ी है।

पब्लिक सेक्टर में रहे गए 12 बैंक

चार बैंकों के विलय के बाद देश में अब 12 पब्लिक सेक्टर बैंक रहे गए हैं। साल 2017 में देश में 27 बैंक थे, तब SBI का उसके सहयोगी बैंकों के साथ विलय हुआ, पिछले साल विजय बैंक और देना बैंक का विलय बैंक ऑफ़ बड़ोदा के साथ हुआ और आज हुए मर्जर के बाद अब देश में बैंकों की संख्या इस प्रकार है -

  1. स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया
  2. पंजाब नेशनल बैंक (पंजाब नेशनल बैंक+यूनाइटेड बैंक+ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स)
  3. सिंडिकेट बैंक (केनरा बैंक+सिंडिकेट बैंक)
  4. इलाहाबाद बैंक (इंडियन बैंक+इलाहाबाद बैंक)
  5. यूनियन बैंक (यूनियन बैंक+आंध्रा बैंक+कॉरपोरेशन बैंक)
  6. बैंक ऑफ इंडिया
  7. बैंक ऑफ़ बड़ोदा
  8. बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र
  9. सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया
  10. इंडियन ओवरसीज बैंक
  11. यूको बैंक
  12. पंजाब एवं सिंध बैंक