उदय बुलेटिन
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MI-17 Helicopter Crash
MI-17 Helicopter Crash|ANI
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खुल गया राज ! अपने ही हेलीकॉप्टर को दुश्मन समझ मिसाइल से मार गिराया गया था 

कभी-कभी जरूरत से ज्यादा उत्तेजित होना भी होश खोने की श्रेणी में आता है,जिसका खामियाजा खुद को भगतना पड़ता है, ऐसा ही कुछ वायुसेना के जिम्मेदार अधिकारियों ने किया 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

27 मई के 2019 को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के गांव गरेंदा कला में वायु सेना का एम आई -17 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमे वायुसेना के 6 कर्मियों समेत एक अन्य ग्रामीण की मौत हुई थी, आखिर कार एक लंबी जांच के बाद यह खुलासा हुआ कि यह कोई तकनीकी गड़बड़ी नही बल्कि अत्यधिक सतर्कता की वजह से हेलीकॉप्टर को दुश्मन की मिसाइल समझ कर निगरानी प्रणाली स्पाइडर के जरिये फायर की गयी एक मिसाइल के जरिये हुआ था, जिसकी वजह से हवा में ही हेलीकॉप्टर आग के शोलो में बदल कर सात लोगो की कब्रगाह बन गया,

इस मामले को पाकिस्तान की जवाबी कार्यवाही समझ कर इसमे न्यायिक जांच बैठाई गयी थी ,जिसमे यह जानकारी जुटाकर जांच करनी थी कि आखिर हेलीकॉप्टर की दुर्घटना का मुख्य कारण क्या था, और आखिर में इस घटना का मुख्य पहलू  सांमने आया की वायु सेना के बेस में तैनाथ सुरक्षा कर्मियों की गलत फहमी ने दुश्मन और खुद में फर्क न कर पाने की भूल ने इस हेलीकॉप्टर को मिसाइल से मार गिराया

ए एन आई का ट्वीट

पांच लोगों पर गिरी गाज:

इस मामले में सेना के पांच अफसरों  को दोषी पाया गया है, जिनपर सजा सुनाया जाना बांकी है, यह मामला तकनीकी से जुड़ा है, इस लिए इस मामले है हर पहलू पर नजर डाली जाएगी, इस ममले में श्रीनगर एयरबेस के मुख्य ऑपरेटिंग अधिकारी भी दोषियों में शामिल है, वायु सेना के उच्चाधिकारियों और सरकार की सिफारिशों के अनुसार इन पांच जिम्मेदार लोगों पर पनिशेबल मानव वध के तहत भी कार्यवाही की जा सकती है

फैसले में देरी क्यो हुई:

घटना स्थल पर वायु सेना के हेलीकॉप्टर को सबसे पहले ग्रामीणों ने देखा था और मौके के चीजो को अपने कब्जे में भी कर लिया था, इस घटना पर लोगो ने एक पिस्टल पुलिस को सौपी थी, लेकिन दुर्घटना के काफी दिनों तक वायुसेना ब्लैक बॉक्स नही खोज पायी थी, जिसमे फ्लाइट संबंधित सभी डाटा रिकार्ड होता रहता है, बाद में इसे एक ग्रामीण के यहाँ से इसे रिकवर किया गया था