उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
UP DM 
UP DM |Social Media
टॉप न्यूज़

चौथा बच्चा पैदा कर रही हो शर्म नहीं आती ? दो काफी नहीं है?

“कभी-कभी पावर की हनक मौका और हालात नहीं देखती, और नसीहत की जगह बेइज्जती कर बैठती है”

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

"चौथा बच्चा पैदा कर रही हो, शर्म नहीं आती!"

ये शब्द किसी सास, ननद या देवरानी-जेठानी ने किसी गर्भवती महिला से नहीं कहे हैं, बल्कि ये शब्द है जिले के मुखिया जिलाधिकारी के, जिन्होंने लेबर पेन से पीड़ित महिला से ये बात कही है।

भारत में जनसंख्या विस्फोट बेहद चिंताजनक है,लोगों को बढ़ती जनसंख्या से चिंतित होना चाहिए ,लेकिन अशिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण इसमें दिन प्रतिदिन इजाफा होता जा रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप प्रसव पीड़ा से पीड़ित गर्भवती महिला को भरे अस्पताल में लज्जित करें, भले ही वह जिले का जिलाधिकारी क्यों ना हो।

मामला उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर का है, जहाँ एक ग्रामीण गर्भवती महिला अपने पति के साथ पेट में दर्द की शिकायत को लेकर रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल आई थी, तभी ऐन मौके पर जिले के जिलाधिकारी साहब का अस्पताल की व्यवस्थाओं को देखने का दौरा हो गया। जिसके कारण पूरे अस्पताल में अफरातफरी का माहौल था। इसी बीच जब जिलाधिकारी महोदय रोगियों से वार्तालाप कर रहे थे, तभी उनकी नजर एक महिला पर गयी और उन्होंने उनके अस्पताल आने का सबब पूंछ लिया, महिला ने बताया कि वह अपने गर्भ की समस्या को लेकर अस्पताल आयी है, इस पर डीएम साहब ने महिला से पूंछा की यह कौन सा बच्चा है ?

इस पर महिला ने जवाब दिया कि चौथा बच्चा, महिला का जवाब सुनकर डीएम साहब भड़क गए ,और उन्होंने कहा कि चौथा बच्चा पैदा कर रही हो ! शर्म नहीं आती ? दो काफी नहीं है ?

डीएम साहब की इस बात पर गर्भवती महिला भरी भीड़ में लज्जित होकर शर्माने लगी, इस सारे वाकये को किसी व्यक्ति ने मोबाइल पर कैद कर लिया, और चारों तरफ जिलाधिकारी की इस हरकत की निंदा की जाने लगी, लगे हाँथ कांग्रेस की महिला विंग ने इस वीडियो को ट्विटर पर पोस्ट करके योगी सरकार को घेरने की कोशिश की।

हालांकि चार बच्चे पैदा करना सामाजिक रूप से कहीं जायज नहीं है, इसका मुख्य कारण शिक्षा और जागरूकता का न होना है। जबकि बेहद शिक्षित जिलाधिकारी महोदय ने भीड़ में एक गर्भवती महिला के साथ इस तरह का बर्ताव करके बेहद निंदनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। क्योंकि इस तरह का वार्तालाप किसी महिला के बेहद निजी अधिकार मातृत्व को गाली देने जैसा है। इस मामले में अगर किसी को नसीहत दी जानी चाहिए तो वो उस महिला का पति होना चाहिए और वो भी बेहद एकांत में। लेकिन डीएम साहब पर अफसरी सवार थी तो महिला को खुलेआम लज्जित कर गए।

महिला कांग्रेस का ट्वीट