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आरएसएस पर प्रियंका गांधी का बयान 
आरएसएस पर प्रियंका गांधी का बयान |Social Media
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आरक्षण पर RSS-BJP के मंसूबे पर प्रियंका का वार कहा - जनता से पूछा क्या आप ऐसा होने देंगे?

प्रियंका वाड्रा के सवाल पर नेता के साथ-साथ जनता ने भी दिया जवाब है। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

आज के समय में आरक्षण पर चर्चा होनी चाहिए, आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए ना कि जाति, देश में सभी जाति और घर्म के लोगों को समान रूप से उन्नति के अवसर मिलने चाहिए ये देश सब का है और आरक्षण से समाज में जातिवाद को बढ़ावा मिलता है। बीते दिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का दिया यह बयान अब सियासी गलियारों में विवाद का रूप ले चुका है।

जिसे लेकर अब कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला किया है। प्रियंका वाड्रा ने ट्विटर के जरिए आरएसएस प्रमुख और बीजेपी को आरक्षण के मुद्दे पर घेरते हुए कहा कि 'देश के लिए बीजेपी और आरएसएस के मंसूबे खतरनाक है, सरकार आरक्षण में संशोधन का बहाना कर इसे ख़त्म करना चाहती है’

प्रियंका वाड्रा ने ट्वीट करते हुए कहा कि "भारतीय जनता पार्टी की दूसरी जीत के बाद आरएसएस का हौसला बढ़ा हुआ है, और काफी खतरनाक है। एक तरफ बीजेपी सरकार एक-एक कर सभी जनपक्षधर कानूनों का गला घोंट रही है वहीं दूसरी तरफ आरएसएस आरक्षण की बात उठा रही है। आरएसएस शब्दों के बहाने सामाजिक न्याय पर निशाना बना रही है। लेकिन क्या आप ऐसा होने देंगे ?"

प्रियंका वाड्रा के इस ट्वीट के बाद JDU नेता तेजश्वी यादव भी उनके समर्थन में आ गए। उन्होंने प्रियंका को समर्थन करते हुए लिखा कि “आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी आरक्षण को लेकर गलत विचार पाले बैठी है। हमें बहस इस बात पर करनी चाहिए कि पिछले पांच सालों में आरक्षित वर्गों के 80 फीसदी पद क्यों खाली है ? केंद्रीय नौकरियों में भर्ती क्यों नहीं हो रही ? क्यों एक भी OBC/EBC को केंद्रीय सचिव नियुक्त नहीं किया जा रहा ? क्यों कोई कुलपति SC/ST/OBC नहीं है? बहस इस बात पर होनी चाहिए ??”

आपको बता दें कि, आरक्षण पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान को विवाद की तरह पेश किया जा रहा है साथ ही इसे तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। इससे पहले भी मोहन भागवत ने मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान साल 2015 में इस तरह का बयान दिया था। जिसके बाद हुए बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी बुरी तरह हार गई थी।

लेकिन इस बार भले ही दूसरी पार्टियों के नेता प्रियंका वाड्रा को आरक्षण के मुद्दे पर समर्थन कर रहे हो लेकिन जनता का ख्याल इससे अलग है। प्रियंका के ट्वीट पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोग इस मुद्दे पर उन्हें समर्थन कर रहे हैं लेकिन ज्यादातर लोग आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी और आरएसएस के साथ नज़र आ रहे हैं।

एक यूजर ने प्रियंका के ट्वीट पर जवाब देते हुए कहा कि -

वोट-बैंक की रोटियां सेंकने में आपके ख़ानदान ने इस देश को लूटकर बर्बाद कर दिया है...लूटेरा गांधी परिवार अब देश के बारे मे बोलने से चुप रहे वही बेहतर है..ये तो अच्छा हुआ जनता ने 2014 मे मोदी को सत्ता मे ला दिया वर्ना इस देश की और बर्बादी होती। आरक्षण वो बीमारी जो कैंसर से भी घातक है।

एक यूजर ने कहा कि

सही कहा प्रियंका जी, RSS/BJP का असली निशाना सामाजिक न्याय ही है... जो आपने लिखा हुआ है...और हाँ हम सभी ऐसा होने देंगे...सवाल तो ये उठता है क्या आप और आपके चमचे सहयोगी पार्टियां ऐसा होने देंगे...???

एक यूजर ने कहा कि

मोहन भागवत जी के आरक्षण वाले बयान पर कुछ लोग गला फाड़ रहे है उनको बता दूं, आरक्षण शब्द ने इस देश के हिंदुओ का बड़ा नुकसान किया है, इसने देश के हिदुओ को दो हिस्सो मे बांट दिया,इससे हिन्दू एकता खत्म हो गयी और आरक्षण से आज हिन्दू ही हिंदुओ का विरोध कर रहे है। आर्थिक आधार पर आरक्षण दो।

ज्ञात हो कि कांग्रेस सहित, सपा, बसपा और टीएमसी जैसी पार्टियां बीजेपी और आरएसएस पर आरक्षण के मुद्दे को लेकर लगातार हमला कर रही है। हालांकि बाद में आरएसएस प्रमुख ने इस मामले में सफाई दी हैं लेकिन अब जनता भी चाहती है कि देश में आरक्षण का आधार आर्थिक हो ना की जातिगत।