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Asaduddin Owaisi, AIMIM
Asaduddin Owaisi, AIMIM|Social Media
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प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत पर भड़के ओवैसी कहा-ट्रंप पुलिस हैं जो उनसे शिकायत की ?

भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच ओवैसी का सवाल !

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने जाने के बाद भारत-पाकिस्तान के रिश्ते में उपजे तनाव को ख़त्म करने के लिए आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से तीस मिनट तक फ़ोन में बातचीत की। इस बातचीत का मुख्य केंद्र जम्मू-कश्मीर और आतंकवाद रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से बातचीत करते हुए साफ़ शब्दों में कहा कि 'हम पाकिस्तान के साथ तभी बातचीत करेंगे जब वो पूरी तरह आतंकवाद का खत्मा कर देगा।’

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत में ट्रंप से पाकिस्तानी नेताओं की शिकायत करते हुए कहा कि इन दिनों पड़ोसी मुल्क के कुछ नेता बेतुके बयान दे रहे हैं जो उनके लिए ठीक नहीं है। इसके अलावा इन दोनों नेताओं ने अन्य मुद्दों पर भी बातचीत की।

लेकिन लगता है कि एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी को पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की ये दोस्ती और बातचीत कुछ खास पसंद नहीं आई और इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर कई आरोप लगाते हुए सवाल किए हैं। उन्होंने पीएम से पूछा कि जब कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है और भारत सरकार लंबे समय से इस पर लगातार अडिग तो किसी से इसकी शिकायत करने की क्या जरूरत थी?

एआईएमआईएम प्रमुख और लोकसभा सदस्य असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि " मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सियासी तौर पर ज़िंदगी भर आलोचक रहूंगा, लेकिन वो हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं और इस नाते मैं उनका सम्मान करता हूं। लेकिन उन्हें जम्मू-कश्मीर मसले पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात नहीं करनी चाहिए थे। ये हमारे देश का आंतरिक मसला है। ट्रंप न तो पुलिस है और सीबीआई अधिकारी फिर उनके पास जाकर शिकायत क्यों की गई ? वो क्या कर सकते हैं ? हमारे देश का मसला है हमें मिलकर सुलझाना होगा।"

उन्होंने आगे कहा कि 'मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछना चाहता हूं, कि क्या ट्रंप से शिकायत करने के बाद पाकिस्तान का मसला ख़त्म हो जायेगा ? अगर नहीं तो उन्हें ट्रंप से बातचीत नहीं करना चाहिए था। हम शुरुआत से ही कहते आ रहे हैं कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है। भारत का इस पर बहुत ही स्थिर रुख रहा है। फिर पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बुलाने और इसकी शिकायत करने की क्या जरूरत थी?

आपको बता दें कि, बीजेपी के किसी भी नेता की तरफ से अब तक इस मामले में कोई बयान नहीं आया है।