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पालतू कुत्ते ने बचाई मालिक की जान 
पालतू कुत्ते ने बचाई मालिक की जान |Social Media
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दार्जिलिंग: मालकिन के लिए भगवान बना कुत्ता, तेंदुए से बचाई जान 

टोटल फ़िल्मी हैं इनकी कहानी ! 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

हम सब ने अब तक कुत्तों की वफादरी को लेकर कई किस्से सुने हैं, फिल्में देखी है और कहानियां पढ़ी है। कुत्तों की वफादारी जग जाहिर है, अपने मालिक की जान बचाने के लिए ये वफादार जानवर किसी भी हद तक जा सकते हैं और इसका जीता-जगता उदारहण हमें दार्जिलिंग में देखने को मिला है।

दार्जिलिंग में एक 'टाइग़र' नाम का कुत्ता अपनी 58 साल की मालकिन की ज़िंदगी बचाने के लिए एक तेंदुए से भिड़ बैठा। कुत्ते की मालकिन का नाम अरुणा लामा है और वो सोनादा की रहने वाली हैं, उन्होंने बताया कि 'टाइगर' अभी सिर्फ चार साल का है, लेकिन उसकी बहादुरी शेर के बराबर है।

अरुणा कहती हैं कि ‘मैं इस हादसे को कभी भूल नहीं सकती। मैं अपने घर पर थी और स्टोर रूम में कुछ काम कर रही थी, रूम का दरवाजा खुला था , तभी कुछ आवाज सुनाई दी। रूम में थोड़ा अँधेरा था इसलिए मैं देख नहीं सकी, लेकिन अंधेरे में मुझे लाल आंखे दिखाई दीं, मैं डर गई और स्टोर रूम का दरवाजा बंद करने लगी, तभी तेंदुए ने मुझपर हमला कर दिया और मैं किसी तरह बचने की कोशिश करने लगी।’

अरुणा की बेटी स्मृति लामा ने कहा कि 'इस हमले की आवाज मुझे भी सुनाई दी, लेकिन मैंने सोचा घर में हमने मुर्गों को पाला है ये आवाज वहां से आ रही होगी। मैं रसोई घर में चाय पी रही थी। तभी आवाज तेज हो गई, तो मैंने सोचा एकबार जा कर देख लूं क्या हो रहा है। मैं जैसे ही स्टोर रूम के पास पहुंची और दरवाजा खोला तो चौंक गई और चिल्लाने लगी, सामने एक तेंदुआ था और वो मेरी तरफ देख रहा था , तभी तेंदुए पर किसी ने हमला किया।

स्मृति ने बताया कि 'हमारा टाइगर तेंदुए से लड़ाई कर रहा था, वह उसपर लगातार भौंकने लगा, और हमें तेंदुए के चंगुल से बचाने की कोशिश करने लगा। मुझे लगता है कि टाइगर हमें सूंघता हुआ वहां आया होगा। टाइगर के डर से तेंदुआ भाग गया लेकिन हमारे स्टोर रूम में रखे कुछ मुर्गों की मौत हो गई। टाइगर ने मुझे और मेरी माँ को उस तेंदुए से बचा लिया, उसने बिना डरे हमला किया और तेंदुए को एक झटके में भगा दिया। तेंदुए के हमले से मेरी माँ के सर और कानों में थोड़ी चोट आई है, डॉक्टर ने 20 टांके लगाए हैं। लेकिन हमारी ज़िंदगी बच गई।

अरुणा लामा कहती हैं कि ‘टाइगर ने जो हमारे लिए किया उसका कर्ज चुकाना इस जन्म में तो मुश्किल है, हमने जब दो साल पहले 2017 में उसे घर लाया था तो कभी नहीं लगा था कि एक दिन ऐसा होगा। बीते दो सालों में टाइगर के साथ हमारे रिश्ते मजबूत हो गए हैं आने वाले समय में हमारा रिश्ता और भी बढ़ेगा। अगर आज टाइगर नहीं होता तो आज हम दोनों माँ-बेटी भी नहीं होते। हम तो बस उसे खाना देते हैं एक मालिक की तरह लेकिन उसने हमें भगवान की तरह ज़िंदगी दी है। टाइगर हमारे परिवार का सदस्य है।