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उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती
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नज़र बंद उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती में आखिर क्यों हुई लड़ाई ?

अंत में उन्हें अलग-अलग शिफ्ट करना पड़ा

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

  • उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद से अब तक राजा हरी सिंह गेस्ट हाउस में नज़र बंद हैं।
  • दोनों ही नेता जम्मू-कश्मीर की वर्तमान हालत के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार मानते हैं।
  • जम्मू-कश्मीर के हालात तो धीरे-धीरे सुधर रहे हैं लेकिन इन दोनों के बीच आपसी खटास बढ़ती जा रही है।

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद आज वहां ईद-उल-जुहा (बकरा ईद) का त्यौहार मनाया जा रहा है। लोग मस्जिद में जाकर अल्लाह का शुक्रिया अदा कर रहे हैं। राज्य में शांति व्यवस्था धीरे-धीरे बहाल हो रही है। हालांकि बकरा ईद का त्यौहार मानाने के लिए कई जगहों पर धारा 144 को हटा दिया गया है, लेकिन अभी भी कई संदिग्ध जगहों पर धारा 144 लागू है। राज्य के दो पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती को अब तक नज़र बंद किया गया है। दोनों पिछले एक सप्ताह से राजा हरी सिंह सरकारी गेस्ट हाउस में बंद है। लेकिन अब खबर आ रही है कि वहां इन दोनों नेताओं के बीच जोरदार लड़ाई हुई है।

क्यों हुई लड़ाई ?

राजा हरी सिंह गेस्ट हाउस पहले मुख्यमंत्री आवास हुआ करता था। जब कांग्रेस नेता गुलाम नवी आजाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री थे तो ये उनका आवास था, लेकिन बाद में इसे सरकार ने गेस्ट हाउस में बदल दिया। महबूबा और उमर पिछले इस सफ्ताह से यहां नज़र बंद हैं। बताया जा रहा है कि यहां महबूबा भूख हड़ताल पर बैठी है, लेकिन फल खा रही है। उनके लिए हर दिन कश्मीरी सेव और नाशपाती गेस्ट हाउस में पहुँचाया जाता है। एक दिन सुबह-सुबह महबूबा और उमर टहलने के लिए निकले लेकिन रास्ते में दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। दोनों जम्मू-कश्मीर की इस हालत के लिए एक दूसरे को गुनहगार मानते हैं।

बताया जा रहा है कि झगडे के बाद दोनों साथ नहीं रहना चाहते थे। उमर लगातार मांग कर रहे थे कि उन्हें कहीं और शिफ्ट किया जाए। जिसके बाद उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया और घूमने की आजादी दी गई। महबूबा अब भी गेस्ट हाउस में रह रही हैं।

राज्यपाल ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

ईद-उल-जुहा बकरा ईद से पहले सरकार ने पूरी कोशिश की है कि घाटी के हालात सामान्य हो सके। सरकारी छुट्टी होने के बाद भी आज बैंकों और एटीएम को खोला गया है। लोगों को खरीददरी के लिए समान उपलब्ध कराये जा रहे हैं। कुर्बानी के लिए बकरियों का इंतज़ाम किया गया है। लोगों को कोई दिक्कत ना हो इसलिए मोबाइल वैन से समान पहुंचाया जा रहा है।

सरकार ने मुसीबत में फंसे लोगों की मदद के लिए 300 टेलीफोन बूथ बनाये है, हेल्पलाइन नंबर 9469793260 भी जारी किया है। लोगों से कहा गया है कि किसी भी तरह की मदद और जानकारी के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।