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प्रणब मुखर्जी को  ‘भारत रत्न’ सम्मान
प्रणब मुखर्जी को ‘भारत रत्न’ सम्मान |Social Media
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आज प्रणब मुखर्जी सहित इन हस्तियों को राष्ट्रपति देंगे ‘भारत रत्न’ सम्मान 

भारत रत्न सम्मान का एलान गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को ही कर दिया गया था। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करेंगे। इस सम्मान की घोषणा इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी की संध्या को ही कर दी गई थी। प्रणब मुखर्जी के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता नानाजी देशमुख और असम के सुप्रशिद्ध संगीतकार भूपेन हजारिका को यह सम्मान मासणोंपरांत दिया जाएगा।

कौन हैं प्रणाम मुखर्जी ?

राजनीति में प्रणब मुखर्जी का नाम करीब पांच दशक पुराण है। कांग्रेस पार्टी में रहते हुए उन्होंने कई बड़ी जिम्मेदारियों को निभाया है। वे भारत के वित्त मंत्री भी रहे आर्थिक मंत्रालयों का कार्यभार भी संभाला और देश 13वें राष्ट्रपति भी रहे। कांग्रेस पार्टी में उन्हें संकटमोचन के नाम से जाना जाता है, और उन्होंने अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अपने इस नाम को सार्थक भी किया है। प्रणब मुखर्जी ने कांग्रेस पार्टी में रहते हुए गांधी परिवार की तीन पीढ़ियों के साथ काम किया है, जिसमें इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और राहुल गांधी शामिल हैं लेकिन उनकी गिनती कांग्रेस के उन नेताओं में होती है जिन्होंने आन्तरिक रूप से भी पार्टी में अपनी क्षमता का लोहा मनवाया। प्रणब मुखर्जी ने देश की आर्थिक नीतियों को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कौन हैं नानाजी देशमुख ?

नानाजी देशमुख देश के जाने-माने समाजसेवी हैं उन्होंने जनसंघ की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 1977 में जब जनता पार्टी की सरकार बनी, तो नानाजी देशमुख को मोरारजी-मन्त्रिमण्डल में शामिल किया गया था लेकिन उन्होंने इस पद को यह कह कर ठुकरा दिया कि उनकी उम्र 60 वर्ष हो गई है इतनी अधिक आयु के लोग सरकार के बाहर रहकर ही समाज की सेवा कर सकते हैं। अपने पूर्ण जीवनकाल में उन्होंने समाज सेवा की और विविध प्रकल्पों का विस्तार किया। जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपयी की सरकार बनी तो उन्हें राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया गया। उन्होंने इस दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान दिया। आज मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न का सम्मान दिया जा रहा है।

कौन हैं भूपेन हजारिका?

भूपेन हजारिका असमिया भाषा के कवी, लेखक, गीतकार, संगीतकार, गायक, फिल्म निर्माता, असमिया संस्कृति के जानकर और बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे। वो खुद ही लिखते थे और खुद ही गाते थे, उनकी प्रतिभा असाधारण थी। भूपेन हजारिका की गीतों ने लाखों दिलों को छुआ है। उनकी आवाज सुनने वाला कभी इंकार नहीं कर सकता कि उनकी आवाज में एक जादू है। असमिया के अलावा उन्होंने हिंदी और बांग्ला भाषा के लिए भी गीत लिखे। उन्हें साल 1975 में क्षेत्रीय स्तर की फिल्मों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। 1992 में उन्हें फिल्म जगत का सबसे प्रमुख पुरस्कार दादा साहेब फाल्के से सम्मानित किया गया। इसके अलावा साल 2009 में असोम रत्न, संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड और साल 2011 में पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

आपको बता दें कि, अब तक कुल 45 लोगों को भारत रत्न सम्मान दिया गया है। इसकी स्थापना 1954 में की गई थी।