उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
How to Buy Land In Kashmir
How to Buy Land In Kashmir|Uday Bulletin
टॉप न्यूज़

जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने के लिए करना होगा ये काम !

जम्मू एवं कश्मीर में जमीन खरीदने के लिए पड़ सकती है डोमिसाइल की जरूरत

Abhishek

Abhishek

Summary

धारा 370 हटने के बाद देश का हर व्यक्ति जम्मू और कश्मीर में जमीन खरीदना चाहता है वहां घर बनाना चाहता है, लेकिन ये जमीन का सौदा अभी भी इतना आसान नहीं है।

जम्मू एवं कश्मीर में अनुच्छेद 370 की प्रासंगिकता समाप्त होने के बाद विभिन्न तरह की आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार विभिन्न उद्देश्यों के लिए 'डोमिसाइल' (मूल निवास ) का एक प्रावधान ला सकती है। इस प्रावधान से जमीन खरीदने व नए बने केंद्र शासित प्रदेश के नागरिकों के हितों की रक्षा की जा सकती है। डोमिसाइल की जरूरत हिमाचल प्रदेश या अन्य राज्यों के मॉडल पर लाए जाने की संभावना है।

जम्मू एवं कश्मीर की बीजेपी इकाई के वरिष्ठ नेता निर्मल सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी की स्थनीय इकाई ने पहले ही यह सुझाव केंद्र सरकार को दे दिया है और यह विचाराधीन है।

निर्मल सिंह ने कहा, "कुछ तत्व अफवाह फैला रहे हैं कि अनुच्छेद 370 के समाप्त होने के बाद जम्मू एवं कमीर के नागरिकों की जमीन व रोजगार छीन लिए जाएंगे। इस दुष्प्रचार का खंडन किए जाने की जरूरत है।"

डोमिसाइल की अवधारणा को बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा प्रावधान हो सकता है कि जो कोई जमीन खरीदना चाहता है या जम्मू एवं कश्मीर में रोजगार करना चाहता है, उसे एक निश्चित अवधि के लिए यहां रहना चाहिए।
इसका सरल शब्दों में में अर्थ ये है कि आप सीधे जम्मू या कश्मीर जाकर प्लाट या घर नहीं खरीद सकते, आपको वहां पर कुछ समय/वर्ष किरायेदार के रूप में ही गुजारने पड़ सकते हैं।इसके बाद एक निश्चित अबधि के बाद ही आप वहां जमीन वगैरह खरीद पाएंगे।

निर्मल सिंह ने कहा कि इस तरह की जरूरत हिमाचल प्रदेश व कुछ दूसरे राज्यों में भी है।

सुझाव पर केंद्र की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस पर 'विचार' किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 की प्रयोज्यता को समाप्त करने के बाद इस तरह के प्रावधान को विस्तृत रूप से प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है।

इससे पहले दिन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विधेयक पर हस्ताक्षर किए। यह विधेयक जम्मू एवं कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटता है। इसमें से जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा होगी, जबकि लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी।

इनपुट एजेंसी से भी।