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महबूबा मुफ्ती
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केंद्र सरकार की एडवाइजरी के बाद महबूबा का सवाल कश्मीरियों का क्या, उनके जीवन की रक्षा कौन करेगा?

एक चिट्टी ने बदल दिया जम्मू-कश्मीर का वर्तमान और भविष्य। 

AKANKSHA MISHRA

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जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले की आशंका जताते हुए कल एक एडवाइजरी जारी की। जिसमें देश भर के अलग-अलग हिस्सों से जम्मू-कश्मीर की यात्रा पर आये पर्यटकों से वापस लौट जाने को कहा गया। प्रशासन ने अनुसार आतंकी प्रदेश में कोई बड़ा धमाका करने की फ़िराक में हैं इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से एहतियात बरतते हुए यात्रियों और पर्यटकों को वापस लौटने के दिशा निर्देश जारी किये गए । अब बताया जा रहा है कि प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा के बाद मचेल माता मंदिर की यात्रा पर भी रोक लगा दी है। यहां तक की जम्मू-कश्मीर NIT के स्टूडेंट्स को भी वापस अपने घर जाने की सलाह दी गई है। प्रदेश में अजब की उलझन और कंफ्यूजन जैसी स्थिति बनी हुई है।

जम्मू-कश्मीर के नेता ये समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर सरकार ऐसा क्यों कर रही है ? घाटी के नेताओं की नींदे उड़ गई हैं, चारों तरफ अजीब सी बेचैनी का माहौल बना हुआ है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपनी चिंता जाहिर की है।

उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा है कि 'सरकार ने एडवाइजरी जारी कर पर्यटकों को वापस लौटने के लिए कहा है, लेकिन कश्मीरियों का क्या ? उनकी रक्षा कौन करेगा ? क्या वो खुद अपनी रक्षा करेंगे ?

इन्हीं सवालों के जवाब के लिए कल महबूबा मुफ़्ती देर रात घाटी के दूसरे नेताओं के साथ राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलने पहुंची।

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राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात के बाद महबूबा ने उनसे घाटी में फैली अफवाहों को दूर करने का अनुरोध किया और घाटी में शांति बनाए रखने में सहयोग देने की बात कही। मेहबूबा ने कहा कि

सरकार की एडवाइजरी के बाद घाटी में दहशत का माहौल बन चुका है। उपर से केंद्र सरकार ने बड़े पैमाने पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी है, जिससे आम लोगों में बेचैनी बढ़ गई है और अफवाहों को पंख मिल गया है। लोग पेट्रोल पंप और एटीएम के बाहर लाइन लगाए बैठे हैं, जैसे आपातकाल लागू होने वाला है। घाटी की घड़कने तेज हो गई है।

इस पर राज्यपल सत्यपाल मलिक ने घाटी ने नेताओं से अपील करते हुए कहा कि वो शांत रहे और अफवाहों पर ध्यान ना दें।

38 हज़ार जवानों की तैनाती

दरअसल दो दिन पहले केंद्र सरकार के ऐलान के बाद जम्मू-कश्मीर में 38 हज़ार जवानों की तैनाती कर दी गई है। इस समय जम्मू-कश्मीर पुलिस के अलावा वहां 90 हज़ार CRPF और सेना के जवान तैनात है। पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

क्या है मामला

बता दें कि आतंकी अमरनाथ यात्रा पर स्नाइपर राइफल से हमले की प्लानिंग बना रहे थे। लेकिन हमारे सुरक्षा बलों के जवानों ने उनकी इस मंशा को नाकाम कर दिया। जवानों ने अमरनाथ रुट पर आतंकियों के एक ठिकाने से अमेरिकन स्नाइपर राइफल M-24 और दूरबीन बरामद किये इस के अलावा ID और बारूदी सुरंगे भी बरामद हुई है।