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सीसीडी के मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव मिला 
सीसीडी के मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव मिला |Social Media
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7000 करोड़ का कर्ज लेकर डूबे वीजी सिद्धार्थ, 36 घंटे बाद मिला शव 

नेत्रावती नदी में कूदकर की आत्महत्या 

AKANKSHA MISHRA

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भारत की सबसे बड़ी कैफे चेन कंपनी 'कैफे कॉफी डे' (Cafe Coffee Day) के संस्थापक और एशिया के सबसे बड़े कॉफी एस्टेट के मालिक वीजी सिद्धार्थ सोमवार शाम से लापता थे और अब करीब 36 घंटे के बाद सिद्धार्थ को लेकर जो आशंका जताई जा रही थी वो सच साबित हो गई। पुलिस की तैराक टीम ने कड़ी मशक्त के बाद सिद्धार्थ का शव नेत्रावती नदी से बरामद कर लिया है। सिद्धार्थ को ढूंढने के लिए पुलिस, तैराक, मछुआरे, गोताखोर समेत कुल 200 लोगों को टीम नेत्रावती नदी की खाक छान रही थी। सोमवार शाम सिद्धार्थ के लापता होने के बाद से ही उनकी आत्महत्या को लेकर आशंका जताई जा रही थी।

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सिद्धार्थ का शव मिलने के बाद मंगलुरु के पुलिस कमिश्नर संदीप पाटिल ने कहा कि ' हमें आज तड़के एक शव मिला, जिसकी पहचान करने की आवश्यकता है, हमने परिवार के सदस्यों को सूचित कर दिया है, और अब हम शव को वेनलॉक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज रहे हैं ताकि हम आगे की जांच जारी रखें।

वीजी सिद्धार्थ की मौत के बाद उनके परिवार और दोस्त दुखी हैं, श्रृंगेरी के विधायक टी डी राजेगौड़ा ने सिद्धार्थ की मौत पर शोक जाहिर करते हुए कहा कि "सिद्धार्थ आयकर विभाग की यातनाओं से बहुत परेशान थे, अपने सभी देनदारियों को निपटाने के लिए 2-3 संपत्ति बेचना चाहते थे। उनके पास कर्ज से अधिक संपत्ति थी। लेकिन अचानक हुई उनकी मौत से हमें गहरा झटका लगा है। उनके परिवार के सभी सदस्यों ने तय किया है कि सिद्धार्थ के पैतृक गांव बेलूर में उनका दाह संस्कार किया जाएगा।"

ज्ञात हो कि कैफे कॉफी डे (Cafe Coffee Day) के मालिक वीजी सिद्धार्थ पूर्व विदेश मंत्री एस एम कृष्णा के दामाद हैं। सोमवार शाम से वो अचानक लापता हो गए थे रिपोर्ट के मुताबिक सिद्धार्थ ने शाम के करीब 6:30 अपने ड्राइवर से गाड़ी रोकने को कहा और नेत्रावती नदी पर बने पुल में टहलने निकला गए। सिद्धार्थ के ड्राइवर ने बताया कि जब वो 8:30 बजे तक लौट कर नहीं आये तो उसने के सिद्धार्थ के परिवार को सूचित किया। इस दौरान सिद्धार्थ का मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया था। पुलिस ने जब जाँच शुरू की तो आस-पास के कुछ मछुआरों ने कहा कि हमने 7 बजे के करीब किसी को नदी में कूदते हुए देखा था। जिसके बाद पुलिस उस जगह पहुंच कर सिद्धार्थ को तलाश करने लगी।

सिद्धार्थ के लापता होने की खबर से दुखी कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि ‘जब मैंने सिद्धार्थ के लापता होने की खबर सुनी तो दंग रह गया। सिद्धार्थ ने राज्य के कई लोगों को रोजगार दिया उन्होंने कभी कोई गलत काम नहीं किया है। कोई नहीं जानता कि आयकर विभाग क्या चाहता है कैसे काम करता है। मैं सिद्धार्थ से 7 महीने पहले मिला था, उसने मुझे आयकर विभाग के छापे के बारे में बताया था, लेकिन उसपर कोई आरोप नहीं था। जब मैंने मीडिया में उनका अंतिम खत देखा तो चौंक गया। सिद्धार्थ कई युवाओं के लिए आइडियल थे।’