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ओवर लोडिंग और अवैध परिवहन के संबंध में ट्रक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र

‘बड़े भार स्वामियों ने योगी सरकार को दी नसीहत, जिम्मेदारों का कच्चा चिट्ठा खोला’

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजना तो आजकल एक शगल बन चुका है, लेकिन बाँदा जिले के ट्रक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री योगी को खनन अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की मिली भगत को उजागर करते हुए एक पत्र लिखा है, जिसमें हर उस संभावना का जिक्र किया गया है, जिससे जिले में अव्यवस्था का जन्म होता है।

गौरतलब हो कि 'बाँदा', खनन माफियाओं के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है, यहाँ की रेत पूरे उत्तर भारत मे एक नंबर की मानी जाती है तथा कबरई का पत्थर उद्योग अपने निर्यात के लिए पूरे देश मे जाना जाता है, लेकिन प्रशाशन की हीलाहवाली और मिलीभगत के चलते यहाँ अवैध खनन और ओवरलोडिंग अपने चरम पर है।

एसोसिएशन के मुताबिक "जब मुख्यमंत्री श्री योगी जी ने अवैध खनन और ओवरलोडिंग को पूरी तरह बंद कर रखा है,उसके बाद भी पूरे जिले में ऐसे वाहनों का फर्राटे भरना कुछ और ही दर्शाता है, जिसके परिणामस्वरूप दुर्घटनाएं और वर्चस्व की लड़ाईयां आम बात है।"

मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र  
मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र  
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एसोसिएशन के अनुसार सरकार को निम्न विषयों पर जरूरी कदम उठाने होंगे -

1 पट्टा धारकों /क्रेशर मालिकों से वाहन भरने का अधिकार छीना जाए

एसोसिएशन के पत्र के अनुसार जब किसी खदान , पट्टा धारक, क्रेशर संचालक के द्वारा किसी वाहन की लोडिंग की जाती है तो वह अपनी बिक्री बढ़ाने के चक्कर मे माल को ओवरलोड भरता है, वह इस प्रकार से ओवरलोड को बढ़ावा देता है, जबकि मोटर परिवहन एक्ट की धारा 199 में इस विषय वस्तु को भली भांति परिभाषित किया गया है।

एसोसिएशन ने इस बावत भी मुख्यमंत्री को जानकारी दी है कि अगर इन पर अंकुश नहीं लगाया जाता तो एसोसिएशन वैधानिक लड़ाई के लिए विवश हो जाएगा।

मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र  
मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र  
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2 -चेक पोस्टों का न के बराबर होना

एसोसिएशन के मुताबिक ओवरलोड वाहनों के लिए चेक पोस्ट न के बराबर है और जो है भी सिर्फ वसूली के अड्डे बन कर रह गए है, जिनपर बेहद कड़ी नजर रखने की जरूरत है, नाके पर पुलिस कर्मी पता नहीं किस बात को लेकर ख़र्चा मांगते रहते है।

3. बिना प्रपत्र के कोई इजाजत नहीं

शिकायती पत्र में एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को यह अवगत कराया कि सीमावर्ती जिले महोबा में कबरई के हालात बेहद असंवेदन प्रकार के है जहां पर कबरई थाना प्रभारी द्वारा लगातार लंबे समय से अवैध वसूली का खेल खेला जा रहा है। जिसमें इंस्पेक्टर के द्वारा 5000 रुपये प्रतिमाह इंट्री फीस वसूली जा रही है, ऐसा न करने पर ट्रक का चालान होना निश्चित है, जबकि भले ही वह ट्रक चोरी का हो ,लेकिन अगर उसने अवैध इंट्री फीस जमा की है तो वह बराबर माल ले जा सकता है, वही एसोसिएशन ने खनिज विभाग के चेकपोस्ट पर भी सवाल उठाए है।