उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
तीन तलाक बिल आज राज्यसभा में पेश किया गया
तीन तलाक बिल आज राज्यसभा में पेश किया गया|Social Media
टॉप न्यूज़

राज्यसभा में पेश हुआ तीन तलाक बिल मंत्री ने कहा ‘ये सवाल है इंसानियत का’

राज्यसभा में चर्चा के लिए लाया गया तीन तलाक बिल। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

लोकसभा से पास हो कर तीन तलाक बिल आज राज्यसभा में पेश किया गया, बिल पेश करते हुए कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है, यह बिल महिलाओं को ना सिर्फ सशक्त बनाएगा बल्कि नारी न्याय, नारी गरिमा और नारी उत्थान का प्रतीक बनेगा। राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा के लिए चार घंटे का समय दिया गया है।

कानून मंत्री ने सदन में इस बिल पर चर्चा करते हुए आगे कहा कि विश्व के 20 से ज्यादा इस्लामिक देशों ने तीन तलाक पर पाबंदी लगा दी है, जबकि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में आज भी तीन तलाक मुद्दा बना हुआ है इसे अब तक लागू नहीं किया गया है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे असंवैधानिक करार दिया है।

तीन तलाक बिल राजनीति का नहीं नारी गरिमा का सवाल है -बीजेपी

कानून मंत्री ने कहा कि तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश ना मानकर हम कोर्ट की अवहेलना कर रहे हैं। आज लोग छोटी-छोटी बातों के कारण तीन तलाक दे रहे हैं। अगर अभी कानून नहीं बना तो कब बनेगा। हमने लोगों की शिकायतों को देखते हुए बिल में कुछ बदलाव भी किये हैं। बिल में अब बेल और समझौते का प्रावधान भी रखा गया है। इस बिल को राजनीतिक ना बना कर नारी उत्थान से जोड़ कर देखा जाये। आज देश की बेटियां मंगल मिशन का हिस्सा है, फाइटर जेट चला रही है और दूसरी तरफ कुछ बेटियां तीन तलाक का सामना कर रही है। उन्हें तलाक देकर घर से निकाल दिया जाता है। सड़क पर छोड़ दिया है इसलिए मैं इस सदन में मौजूद सभी लोगों से आग्रह करता हूँ कि इस बिल का समर्थन करें और नारी उत्थान में अपना योगदान दें।

महिलाओं को कोर्ट से दूर ही रहने दें -कांग्रेस

तीन तलाक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता अमी याज्ञिक ने कहा कि बीजेपी सिर्फ मुस्लिम महिलाओं के बारे में ही क्यों सोच रही है, सभी महिलाओं के लिए चिंतित क्यों नहीं है। गुजरात की घटना है एक माँ मेरे पास आई उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने MBA किया है लेकिन उसे सिर्फ इसलिए घर से निकाल दिया गया क्योंकि उसने काली रोटी बनाई थी। सभी धर्म, वर्ग की महिलाओं को इस पीड़ा से गुजरना पड़ रहा है। हमें इस महिला सशक्तिकरण बिल से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन सभी महिलाओं को न्याय मिलना चाहिए। वैसे भी सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को ख़त्म कर दिया है फिर उसमें कानून कैसे ला सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के हर वर्ग को बराबरी से जीने का अधिकार मिलना चाहिए, यह बिल महिलाओं के बिच मतभेद पैदा करेगा, सभी को अपने पति से साथ रहने का पूरा हक़ है उन्हें सम्मान से जीने दीजिए।

तीन तलाक गैर इस्लामी और गैर कानूनी - बीजेपी सांसद

बीजेपी सांसद मुख्तार अब्बास नकवी ने तीन तलाक पर चर्चा के दौरान कहा कि 33 साल बाद आज इस सदन में एक सामाजिक कुरीति को ख़त्म करने की बात उठी है। इस्लाम किसी भी कुरीति का पक्षधर नहीं है कई इस्लामी देश इसे ख़त्म कर चुके हैं। इसका हमारे धर्म से कोई लेना देना नहीं है। इस बिल पर हंगामा करने के बजाए इसे नारी सम्मान के नाते पास किया जाना चाहिए।

बीजेपी की सहयोगी JDU का वाकआउट

तीन तलाक पर चर्चा के दौरान JDU के सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि हमें इस बिल से कुछ लेना देना नहीं है और वो सदन से वॉक आउट कर गए।