उदय बुलेटिन
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चंद्रयान 2
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चाँद पर भारत की धाक, ISRO ने की चंद्रयान 2 के सफल उड़ान की घोषणा

चंद्रयान 2 को बनाने में ISRO को लगे 11 साल 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

ISRO ने आज जैसे ही चंद्रयान 2 के सफल प्रक्षेपण की घोषणा की पूरा देश हर्षोल्लास में झूम उठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला सहित देश भर के सभी जाने माने शख्सियतों ने ISRO की इस बड़ी उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई दी। भारत का चंद्रयान 2 आज दोपहर 2 बज कर 43 मिनट में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चाँद के लिए बड़ी शान से रवाना हो गया। 'बाहुबली' के नाम से विख्यात भारत का सबसे ताकतवर रॉकेट जीएसएलवी-मार्क ।।।, 48 दिनों के बाद चाँद की सतह पर पहुंचेगा और चाँद के बारे में दुनिया को नई जानकारी देगा।

11 साल में बनकर तैयार हुए बाहुबली रॉकेट

रॉकेट जीएसएलवी-मार्क ।।। का कुल वजन 3850 किलो ग्राम है। यह चाँद पर ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर के साथ गया है। ISRO को अपने पहले मिशन चंद्रयान में सफलता मिलने के 11 साल बाद इस रॉकेट का प्रक्षेपण किया गया। ISRO के अनुसार चंद्रयान 2 लागत 978 करोड़ रूपये है।

क्यों महत्वपूर्ण है चंद्रयान 2

  • भारत से आज रवाना हुआ चंद्रयान 2, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रव पर उतरेगा। यह ऐसा क्षेत्र हैं जहां अब तक कोई भी देश नहीं पहुंच सका है।
  • चंद्रयान 2 चाँद के अनसुलझे रहस्यों को जानने में मदद करेगा।
  • भारत की इस नई खोज से ना सिर्फ भारतवासियों का भला होगा बल्कि पूरी मानवता को लाभ मिलेगा।
  • चंद्रयान का सफल प्रक्षेपण भारत को उन चुनिंदा देशों की गिणती में खड़ा कर देगा जिन्होंने अंतरिक्ष में सराहनीय काम किया है।
  • चंद्रयान पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से निर्मित है। इसमें 13 पेलोड लगे हैं, 8 ऑर्बिटर में 3 पेलोड लैंडर ‘विक्रम’ और 2 दो पेलोड रोवर ‘प्रज्ञान’ में लगा हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी ने चंद्रयान 2 के सफल प्रक्षेपण को लाइव देखा

प्रधानमंत्री मोदी ने ISRO को बधाई देते हुए कहा कि भारत के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण से आज पूरा देश गौरवान्वित है। मैंने थोड़ी देर पहले ही इसके लॉन्च में निरंतर तन-मन से जुटे रहे वैज्ञानिकों से बात की और उन्हें पूरे देश की ओर से बधाई दी।

राष्ट्रपति ने गिनाई ISRO की उपलब्धि

वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ISRO की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी और लिखा 'श्रीहरिकोटा से चन्द्रयान-2 का ऐतिहासिक प्रक्षेपण हर भारतीय के लिए एक गर्व का क्षण है। भारत के स्वदेशी अंतरिक्ष कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए ISRO के सभी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई। मेरी कामना है कि टेक्नॉलॉजी के नए-नए क्षेत्रों में ‘इसरो’, नित नई ऊंचाइयों तक पहुंचे।’

उन्होंने आगे कहा चंद्रयान-2 अब से लगभग 50 दिनों में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के करीब उतरने वाला पहला अंतरिक्ष-यान होगा। आशा है यह मिशन नई खोजों को जन्म देगा और हमारी ज्ञान प्रणालियों को समृद्ध करेगा। मैं चंद्रयान-2 टीम की सफलता की कामना करता हूँ।

आपको बता दें कि चंद्रयान 2 का प्रक्षेपण 15 जुलाई को होना था। लेकिन तकनीकी खामियों की वजह से यह प्रक्षेपण लॉन्चिंग के 56 मिनट पहले रोक दिया गया था। समय रहते खामियों को पता लगाने के लिए दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने ISRO की सराहना की थी।