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Exclusive:गायत्री प्रजापति केस में आया भूचाल, भुक्तभोगी महिला ने बदला अपना बयान

मैंने और मेरी बेटी ने वही बोला जो सच्चाई है माननीय मंत्री जी बेकसूर थे बेकसूर हैं और मेरे पिता से बढ़कर हैं वह सब उस राम सिंह की साजिश थी: सविता पाठक

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

राजनीति के कितने रंग दुनिया में है उसका एक प्रतिशत भी लोगों की जानकारी में नहीं है।

इसी तरह का एक रंग गायत्री प्रजापति केश में दिनांक 21 जुलाई 2019 को शाम छह बजे सामने आया। गायत्री प्रजापति केस की मुख्य कथित पीड़िता सविता पाठक ने 21 जुलाई की शाम को करीब छह बजे फेसबुक पर एक पोस्ट डालकर मामले को नया मोड़ दे दिया। फेसबुक पर शेयर किए गए बयान पोस्ट में सविता पाठक ने सविता ने इकबालिया बयान के तौर पर बताया कि -

" मैं सविता पाठक। निवासी राम घाट चित्रकूट , मेरी उम्र लगभग सैंतीस वर्ष है और मेरी दो बेटियां तान्या और अनन्या उम्र 16 वर्ष है, मैं चित्रकूट में रहती हूँ तथा पूर्व में पार्षद राह चुकी हूँ। मुझे सरकारी कामों की वजह से बाहर जाना पड़ता था। एक बार लखनऊ जाने पर मेरी मुलाकात राम सिंह राजपूत पुत्र प्यारेलाल निवासी अतरौलिया कस्बा राठ जिला हमीरपुर से हुई। राम सिंह के साथ अलीगढ़ निवासी अंशू गौड़ भी था। जिसने मुझे सरकारी कार्यों में मदद करने के बहाने बी ब्लाक पार्क रॉड के किसी एक कमरे में ले गया तथा , पेय पदार्थों में कोई नशीली दवा खिलाकर बेहोश किया गया।”

बेहोशी हालात में मेरी अश्लील तश्वीरें निकाली गई तथा मेरे साथ जबरन बुरा काम (बलात्कार) किया गया। इसके बाद राम सिंह मेरे साथ लगातार गलत काम करता रहा। जब मैंने इसका विरोध किया तब उसने मेरी नग्न तश्वीरों को वायरल करने की धमकी दी, मजबूर होकर मैं उसके द्वारा जैसा बताया गया , वैसा काम करने को मजबूर हुई।

इसी बीच राम सिंह ने मेरी कमजोरी और मजबूरी का फायदा उठाकर मेरी बेटी के साथ भी कई बार गलत काम किया। मुझे कई बार दिल्ली भी ले जाया गया। जहां पहाड़गंज के होटल जिंदल में रुकवा कर मेरे साथ बलात्कार किया गया। बाद में मुझसे कोरे कागज पर दस्तखत कराकर उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी के नेता गायत्री प्रजापति को मेरा यौन शोषण करने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट में केस दायर करा दिया गया। 
सविता पाठक का बयान 
सविता पाठक का बयान 
Social Media

इसी फेसबुक पोस्ट में लोगों के द्वारा इस मामले को पांच साल बाद उठाये जाने के बारे में सवाल पूछा तो सविता पाठक ने यह बताया कि मेरी बड़ी बेटी तान्या पाठक को राम सिंह ने जबरन कैद कर रखा था , जो कि आज भी उसी के कब्जे में है। मैं उसकी रिहाई के लिए सब कुछ करने को तैयार थी, लेकिन मेरी बेटी मुझे वापस नहीं मिली। यहाँ सविता पाठक ने यह भी बताया कि अब मेरी बड़ी बेटी तान्या भी अब राम सिंह की ही जुबान बोल रही है।

इस मामले में सविता पाठक ने एक वकील दिनेश चंद्र के नाम का उल्लेख किया है। अपने बयान में सविता ने बड़े जोर देकर यह कहा है कि इन लोगों का मुख्य उद्देश्य गायत्री प्रजापति का राजनैतिक कैरियर खत्म करना था। जिसमें मुझे और मेरी बेटी को मोहरा बनाया गया है। सविता पाठक ने बताया कि अब जब मुझे लगा है कि मेरी बेटी पूरी तरह से रामसिंह के बहकावे और कब्जे में है तो मौका मिलने पर मैन कोर्ट में अपना बयान दर्ज करा दिया है।

लेकिन असल मामला आज से लगभग पांच साल पहले उठा था जिसमें सविता पाठक ने चीख चीख कर गायत्री प्रजापति पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे , जिसका खामियाजा गायत्री प्रजापति को चुनाव में भुगतना पड़ा था, यहाँ तक कि सपा मुखिया अखिलेश यादव को भी आलोचना का सामना करना पड़ा था। सुप्रीमकोर्ट के निर्देशानुसार ही साधारण सी पूर्व पार्षद को पुलिस सुरक्षा मिली हुई है।