उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
पहली बारिश में डूब गई मुंबई 
पहली बारिश में डूब गई मुंबई |google
टॉप न्यूज़

क्या 4 घंटे की बारिश में डुबने के लिए सबसे ज्यादा टैक्स भरती है मुंबई ?

पिछले चार दिन की भारी बारिश को झेलने वाली मुंबई के ऊपर से अभी भी खतरा टला नहीं है। मौसम विभाग के अनुसान अगले 48 घंटे में बारिश होने की संभावना है। 

Puja Kumari

Puja Kumari

एक तरुफ जहां पूरा देश भीषण गर्मी से त्रस्त होने के बाद बेसब्री से मानसून का इंतजार कर रहा था, पर किसी ने ये कहां सोचा था कि मानसून अपने साथ आफत भी ले आएगा। आप बीते 4 दिनों से अखबारों पर न्यूज चैनलों के जरिए हर पल मुंबई के हाल से रूबरू हो रहे होंगे। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि मुंबई (Mumbai) की पहली बारिश ही काल बनकर आएगी और कई लोगों को अपने अंदर समा ले जाएगी। बारिश से संघर्ष करती मुंबई में हाई अलर्ट (High Alert) घोषित कर दिया गया है।

4 दिन के बारिश में पूरी मुंबई डूब चुकी है, हालांकि मुंबई में अधिकतम बारिश होना नई बात नहीं है लेकिन इस बार की बारिश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। बीएमसी (Brihanmumbai Municipal Corporation ) और मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, हर बार जून के पूरे माह में जितनी बारिश होती है उतनी बारिश महज 3 दिनों में हो गई। इसके बावूजद यहां पर प्रशासन ने इससे निपटने के लिए पहले से कोई इंतजाम नहीं किए थें। ऐसे में जनता सरकार के साथ बीएमसी पर भी सवाल खड़े कर रही है?

कुछ ही माह पूर्व मुंबई (Mumbai) को सरकार वर्ल्ड क्लास सिटी यानि शंघाई बनाने की बात कर रही थी, ऐसे में पहली बारिश में ही शहर कि इस स्थिति को देखकर तो यही लगता है कि मुंबई का शंघाई बनना बस सपने में ही संभव हो सकता है क्योंकि मुंबईवासी ये अच्छे से जान चुके हैं कि ऐसा कभी नहीं हो सकता है।

डूब रहा है देश का सबसे ज्यादा टैक्स देने वाला शहर

यह एक ऐसा सवाल है जिसने देशभर के लोगों को विचार करने पर मजबूर कर दिया है। एक नजर अगर आंकड़ो पर डाली जाए तो मुंबई (Mumbai) भारत देश के उन शहरों के टॉप वन पर मौजूद है जो सबसे ज्यादा टैक्स देते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि देश के सभी जाने माने क्रिकेटर्स, स्टार व अमीर लोग मायानगरी में ही रहते हैं ऐसे में मुंबई से ज्यादा टैक्स मिलना तो वाजिब ही हैं।

साल 2018-19 में सिर्फ मुंबई से ही 3 लाख 52 हजार करोड़ रूपए का इनकम टैक्स मिला है। सामान्य भाषा में देखें तो ये साल 2018-19 में देश में वसूले गए कुल इनकम टैक्स का 32 प्रतिशत है। इसके अलावा बीएमसी को भी यहां प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर हर साल 5 हजार करोड़ रूपए की कमाई होती है। वहीं सरकार को इसके अलावा भी शहर से अन्य कई तरह की कमाई होती है। पर शर्म तो इस बात की आती है कि जहां से इतनी अधिक मात्रा में टैक्स वसूला जाता है अगर वहां की स्थिति इतनी बुरी है तो बाकी शहरों का हाल कैसा होगा?

मुंबईवासियों का कहना है कि जब उन्हें सरकार किसी भी तरह की सुविधाएं नहीं दे रही है तो वो इतना ज्यादा टैक्स क्यों भरे? आपको जानकर हैरानी होगी कि मुंबई मुनीसिपल कॉरपोरेशन (Brihanmumbai Municipal Corporation ) सबसे ज्यादा धनी माना जाता है, यही कारण है कि बीएमसी का बजट गोवा, मणिपुर, नागालैंड, मेघालय व त्रिपूरा को मिलाकर कुल बजट से भी ज्यादा है।

इस साल (2019-20) के बजट (Budget) में भी बीएमसी (Brihanmumbai Municipal Corporation) का बजट पिछले बार की अपेक्षा 30 हजार करोड़ से बढ़ाकर 30692 करोड़ पेश किया गया है। जिसमें महज सड़कों पर बारिश से हुए जलजमाव को निकालने के लिए 4528 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई है।

इन आंकड़ों को जानने के बाद आपको ये झटका जरूर लगा होगा कि इतने पैसे आने के बाद भी मुबई की ऐसी दयनीय स्थिति क्यों हैं ? आखिर ये पैसे अगर आते हैं तो खर्च क्यों नहीं होते ? जनता को इतने महंगे बीएमसी बजट का लाभ क्यों नहीं मिलता? सबसे धनी होने के बावूजद बीएमसी मुंबई को डूबने से आखिर क्यों नहीं रोक पाई? ये वो सवाल है जो हर किसी के दिमाग में बार बार आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रही है। अगर आगे भी ऐसी ही दयनीय स्थिति रही तो भारतवासियों को 'न्यू इंडिया' देखना नसीब नहीं होगा।