उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
वाहन चेक करती पुलिस  
वाहन चेक करती पुलिस  |Social Media
टॉप न्यूज़

सार्वजनिक सड़क पर आपकी गाड़ी भी आपकी नहीं “सुप्रीम कोर्ट”

सुप्रीम कोर्ट का प्रहार

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

जी हां अगर आप अपनी चार पहिया को किसी सरकारी सड़क पर चलाकर इतरा रहे हैं तो सावधान हो जाइए दरअसल सार्वजनिक (सड़क और हाइवे) पर आपकी गाड़ी आपकी नहीं मानी जायेगी। इसका मतलब ये भी कतई नहीं है कि अगर आपकी गाड़ी सड़क पर चल रही है तो कोई भी राह चलता आदमी आकर गाड़ी में घुस जाएगा। लेकिन एक केस की सुनवाई के समय सुप्रीम कोर्ट ने वाहन संपत्ति की नई परिभाषा दी है।

"सार्वजनिक जगह पर अगर कोई व्यक्ति अपने निजी वाहन में भी जा रहा है, या इसके अंदर बैठकर कुछ कर रहा है तो उसे कभी भी निजी नहीं माना जायेगा , यह पूरी तरह सार्वजनिक माना जायेगा।"

कहने का मतलब जो क्रियाएं सार्वजनिक जगहों पर वर्जित है वो आप अपनी खुद की खरीदी हुई गाड़ी में नहीं कर सकते। उदाहरण के तौर पर अगर मौसम रंगीन है और आपका मन मयूर मदिरापान के लिए मचल रहा है और आप अपनी गाड़ी को निजी समझ कर सार्वजनिक स्थल पर बोतल लेकर लग जाते है तो आप निश्चित ही धर लिए जाएंगे।

Drink and Drive
Drink and Drive
Social Media

आखिर ये बात कैसे और क्यों कहनी पड़ी सुप्रीम कोर्ट को

मुआमला बिहार का है। एक याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली। हुआ ये की सतविंदर नाम का व्यक्ति जो कि 25 जून 2016 को झारखंड से बिहार की राजधानी पटना अपने दोस्तों के साथ जा रहा था। बिहार में घुसते ही उनकी चेंकिंग हुई ( बिहार में शराब पूरी तरह से बैन है) चेकिंग में गाड़ी के अंदर कोई शराब की बरामदगी तो नहीं हुई लेकिन ब्रीड टेस्ट में इन सबके होश फाख्ता कर दिए। कुलमिला कर इनके शरीर में शराब की मात्रा प्राप्त हुई। अब बिहार के कानून के मुताबिक आप बिहार में शराब लेकर टहले, या पीकर टहले, या दूसरे स्टेट से पीकर आये , पकड़े जाने पर समान अपराध है।

टेस्ट में पोजटिव आने पर एक्साइज विभाग ने नियम संगत धाराएं लगाई और सतविंदर समेत मित्र मंडली को जेल की हवा खानी पड़ी, हालांकि बाद में जमानत भी मिल गयी , लेकिन केस बाकायदा चलता रहा।

सतविंदर ने केस को आगे ले जाकर पटना हाईकोर्ट में लगाया और दलील दी कि " मैंने शराब दूसरे प्रदेश में पी थी, और मैं निजी गाड़ी में बिहार में यात्रा कर रहा था, ऐसे में मेरे ऊपर कोई मामला बन ही नहीं सकता"

लेकिन जब पटना हाईकोर्ट ने इस याचिका को रद्दी में डालकर खारिज कर दिया तो साहब सुप्रीम कोर्ट पहुंच कर गुहार लगाने लगे,

धूम्र पान 
धूम्र पान 
Social Media

लेकिन जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस के एम जोसेफ (सुप्रीम कोर्ट) ने अपने फैसले में कहा कि "आपकी गाड़ी तब तक ही पर्सनल है जब तक वह आपके घर या निजी संपत्ति के अंदर है, लेकिन जैसे ही आपकी गाड़ी सार्वजनिक स्थल पर आती है वह कही से निजी नहीं रह पाती। आपको सार्वजनिक स्थलों के नियम कानून मानने होंगे।”

जस्टिस ने यह भी साफ किया कि आपकी गाड़ी के सार्वजनिक होने का यह मतलब कतई नहीं है कि कोई भी आपकी गाड़ी को सार्वजनिक मानकर घुस जाए, किसी की संपत्ति में बिना अनुमति प्रवेश करना अपराध ही माना जायेगा।

तो अब आपको सतर्क रहना होगा , धूम्र दंडिका पानकर्ता ध्यान दें अगर आप अपनी कार में बैठकर सड़क पर चलते हुए सिगरेट पीते है तो पुलिस आपको धर कर फाइन लगा सकती है, आखिर आप सार्वजनिक जगह पर हैं।

Summary

खुद पढ़ लिए तो मिजाजी दोस्तों को भी भेज दीजिये हो सकता है उनके काम आ जाये ये स्टोरी !

वो कहते है न कि “शेयरिंग इस केयरिंग”