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त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के साथ प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह 
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के साथ प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह |Social Media
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घूसखोर, अयोग्य और लापरवाह अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्त करेगी सरकार 

सरकारी कर्मचारियों की शामत

AKANKSHA MISHRA

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त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने घोषणा की है कि राज्य सरकार के जो कर्मचारी निष्ठाहीन, अयोग्य और लाहपरवाह पाए जाएंगे, उन्हें सेवानिवृत्त होने के लिए मजबूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने त्रिपुरा में रविवार को सरकारी कर्मचारियों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थक संगठन त्रिपुरा राज्य कर्मचारी संघ के दूसरे त्रिवार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

बिप्लब कुमार देब ने कहा, "राज्य सरकार के कर्मचारियों को त्रिपुरा में भाजपा सरकार से उच्च वेतनमान मिल रहा है। लेकिन अगर वे निष्ठाहीन, अयोग्य और लाहपरवाह पाए जाते हैं, तो उन्हें सेवानिवृत्त होने के लिए मजबूर किया जाएगा। हालांकि, इन कर्मचारियों को उनके उचित वित्तीय लाभ दिए जाएंगे।"

उन्होंने कहा, "राज्य सरकार कर्मचारियों को सभी वित्तीय लाभ प्रदान करेगी और सरकार कर्मचारियों से पूर्ण कार्य भी निकालेगी। सरकार और लोगों के हित के लिए सभी कर्मचारियों को अपना काम पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरा करना है।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "हर तीन महीने के बाद मुख्य सचिव से लेकर चपरासी तक के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी और उसके अनुसार सरकार कार्रवाई करेगी।"

त्रिपुरा सरकार ने पिछले जुलाई में सरकारी कर्मचारियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर एक अधिसूचना जारी की थी और सभी रैंकों के अधिकारियों व कर्मचारियों के कार्यो की समीक्षा करने के लिए चार समितियों का गठन किया था।

आपको बता दें कि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब अक्सर अपने विवादस्पद बयानों और घोषणाओं की वजह से चर्चा में रहते हैं। लोकसभा चुनाव के दैरान के भी मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरी पर कई विवादित बयान दिए थे। जिसपर प्रधानमंत्री मोदी और तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें फटकार भी लगाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि नौजवान सरकारी नौकरियों के पीछे न भागें। नौकरी से कुछ नहीं मिलेगा। इसके पीछे भागने से अच्छा है कि एक गाय पाल लें। गाय का दूध 50 रूपये लीटर मिलता है। हलांकी मोदी सरकर भी भ्रष्ट और अयोग्य अधिकारीयों पर कार्यवाई करने वाली है। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की है।