उदय बुलेटिन
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मुंबई में बारिस 
मुंबई में बारिस |Social Media
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मानसून के शुरू होते ही तैरने लगी मुंबई, इस हालत का कौन जिम्मेदार ?

पिछले कुछ सालों में मुंबई ने दो बड़े बाढ़ का सामना किया है। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

भयंकर सूखे की मार झेल रही देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आज पहली बारिस हुई। पहली बारिस के साथ ही मुंबईवाले परेशान हो गए। शहर के कई इलाकों में जल जमाव, खुले नाले और प्रशासन की लापरवाही साफ़ नज़र आई। दर्जनों इलाकों में पानी भर गया, लोकल ट्रेनें, बसें रुक गई, कई जगहों पर ट्रैफिक जाम लगने लगा। स्थिति ऐसी हो गई कि स्कूल प्रशासन को स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ी। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब मुम्बई वालो को ऐसी बारिस का सामना करना पड़ रहा है। पिछले सालों में मुंबई ने दो बड़े बाढ़ का दर्द सहा है। दोनों ही बाढ़ ने शहर की हालत ख़राब कर दी थी। 26 जुलाई 2005 और 29 अगस्त 2017 को मुंबईकर कभी नहीं भूल सकते।

डेढ़ दर्जन इलाकों में आवागमन ठप

मुंबई में भारी बारिस की वजह से लगभग डेढ़ दर्जन इलाकों में आना-जाना मुश्किल सा हो गया है। जगह-जगह जल जमाव से लोग परेशान हो गए हैं। एक ही दिन में राज्य की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। लोग अपने काम को छोड़ घर में दुबक कर बैठ गए हैं। दादर, मुंबई सेंट्रल, कुर्ला, अंधेरी, साकी नाका, बोरीवली, गोरेगांव, जुहू, बांद्रा, परेल, सायन, माटुंगा, धारावी, ठाणे, कोलाबा, सांताक्रूज, कल्याण, वसई, मीरा रोड, नालासोपारा और चेंबूर इलाकों में आवागमन थप हो गया है।

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मुंबई में बाढ़ जैसी स्थिति का कारन

  • विशेषज्ञ मानते हैं कि, पिछले 100 सालों में मुंबई के तापमान में 2.5 डिग्री सेल्सियस का इजाफा हुआ है, जिसके कारण ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज है।
  • मुंबई में पिछले कुछ सालों से ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज की वजह से अत्यधित बारिस होती है।
  • औसतन स्तर पर मुंबई जैसे शहरों में 240 मिमी बारिस होने से समुन्द्र में नमी बढ़ जाती है नतीजा और अधिक बारिस होती है फलस्वरूप बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है।
  • मुंबई में लोग कचरा खुले में फेंक देते हैं , प्लास्टिक और कचरा ड्रेनेज सिस्टम को चोक कर देता है और पानी नहीं निकल पाता ।

22 से 36 घंटे और होगी बारिस

मौसम विभाग के अनुसार मुंबई में अभी 22 से 36 घंटे तक और बारिस होगी। सरकार तटीय इलाकों को खाली करा रही है। BMC ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है।