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अल्पसंख्यक छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करेगी मोदी सरकार
अल्पसंख्यक छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करेगी मोदी सरकार|Google
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मोदी ने खेला बड़ा ट्रंप कार्ड, खुद मुस्लिम धर्मगुरु मुश्किल में !

सबका साथ, सबका विकास 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

वैसे तो मोदी को वर्तमान राजनीति का सबसे बड़ा धुरंधर खिलाड़ी कहा जा सकता है। आज के परिदृश्य में ना चाहते हुए भी लोग यह स्वीकार कर रहे हैं कि भाजपा सरकार द्वारा जिन नीतियों के बारे में जितना जनता को जानना चाहिए वो उस से कहीं ज्यादा जानती है। उसी का नतीजा है कि लोगों ने लोकसभा चुनाव में चुनावी लहार को सुनामी में तब्दील करके नरेंद्र मोदी को दोबारा सत्ता पर काबिज कराया है।

धर्म के ठेकेदारों के लिए मुसीबत

दोबारा सत्ता में आने पर मोदी ने सर्वाधिक भाजपा विमुख राजनैतिक विचारधारा वाले वोटर जिनपर सदैव कांग्रेस,सपा ,बसपा और अन्य समुदाय विशेष की पार्टियों का कब्जा रहा है। उस समुदाय के बच्चों एवं शिक्षा संस्थानों की दशा सुधारने के लिए कैबिनेट मीटिंग में कुछ निर्णय लिए हैं।

अब असल मुसीबत, उन मुस्लिम धर्मगुरुओं औऱ नेताओं की है जिन्होंने सदैव मुस्लिम समुदाय के मसीहा बनने का प्रयास किया। लेकिन अब मोदी सरकार ने मदरसों में उन्नतिकरण, जिसमें प्रायोगिक विषयों, साथ में रोजगारपरक विषयों को सम्मिलित करने पर जोर दिया है। साथ ही 5 करोड़ अल्पसंख्यक छात्रों को जिसमें आधी संख्या बालिकाओं की रहेगी, उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

मोदी के अल्पसंख्यक मंत्री

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पत्रकारों से बात करते हुए यह बताया कि मोदी सरकार की सदैव यह प्राथमिकता रही है कि देश के सभी समाज, समान रूप से बराबरी से चल सके।

तथा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि मदरसों में परंपरागत शिक्षा के साथ-साथ गणित, विज्ञान ,तकनीकी शिक्षा का समावेश हो, नकवी ने यह भी बताया कि हमारा लक्ष्य थ्री ई पर निर्धारित है। अर्थात एजूकेशन, इम्प्लायमेंट, इम्पावरमेंट पर बल दिया जाएगा।

मदरसों का आधुनिकीकरण

अब समस्या यह है कि कुछ धर्मगुरुओं को सरकार का यह कदम उनके निजी मामलों में सरकार का गैरजरूरी दखल है, हलांकि बुद्धिजीवी समाज इसे बेहद उत्साहजनक कदम बता रहा है। मामला अब दूसरे पाले में है, कही ना कही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह नीति मुस्लिम समाज को उन्नत करने, तथा भविष्य में भाजपा के पाले लाने के लिए भी है। जिससे विरोधी लोगों में अभी से ही उथल पुथल देखी जा सकती है।