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13 अभिनंदन गायब है ! उनकी खोज खबर कौन लाएगा.......

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

हमारे एक जाबांज पायलट अभिनंदन ने पाकिस्तान के एफ 16 जैसे उन्नत विमान को गिराकर अपनी युद्ध क्षमता और कौशल का न सिर्फ परिचय दिया था बल्कि दुश्मन के बीच "जिमि अहिगन महुँ गरुन अशंका" वाली बात को चरितार्थ करते हुए अपनी वीरता का परिचय दिया था !

अब इसे भारत की अपरिमित कूटनीति कहे या फिर मोदी का विश्व मे दमदार तरीके से बढ़ता हुआ कद , पाकिस्तान जैसा देश जो भारतीय सैनिकों के आंख कान ,निकालने के लिए जाना जाता था, उसने बाइज्जत अभिनंदन को रिहा करके अपने देश के लोगो की जगहँसाई कराई थी, वो मौका पाकिस्तान के दरम्यान का था, देशभक्ति से भरपूर था,

लेकिन आज हमे देश के गुम हुए तेरह अभिनंदनो की कोई खोज फिकर नही है, हम किसी हासे को लेकर दो चार दिन तो बड़े सजग रहते है, लेकिन जैसे ही किसी मनोरंजक घटना का सामना हमसे होता है हम बड़ी से बड़ी घटना को भूलने का माद्दा रखते है

आज  लगभग हफ्ते भर पहले दोपहर सोमवार को सेना का एक  रूसी मूल ए एन-32 विमान 13 सदस्यों सहित असम के जोरहट से चीन की सीमा के नजदीक लैडिंग स्थल  मेचुंका के लिए उड़ा, लेकिन उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) का विमान से संपर्क टूट गया , विमान में सवार चालक दल में से एक वायुकर्मी की पत्नी उस समय एटीसी में ही थी तथा विमान पर निगरानी रख रही थी,

विमान के गायब होने के बाद वायुसेना ने भारतीय थल सेना ,बीएसएफ, आईटीबीपी, और राज्य पुलिस विभाग की मदद से विमान की खोज करानी शुरू की , लेकिन अभी तक कोई पुख्ता सुराग एजेंसियों के हाँथ नही लगा है, गंतव्य स्थान के ग्रामीणों ने किसी जगह पर गाढ़ा काला धुंवा उठने की बात भी बताई थी लेकिन खोज करने पर यह सिर्फ अफवाह ही साबित हुई है,

वायु सेना और सेना ने अपने इस खोजी अभियान में  सुखोई-30,सी -130 विमान, के साथ साथ और AN-32 विमान एवं MI-17 हेलिकॉप्टरों को लगाया है, लाख कोशिश करने कब बावजूद हर दिन नतीजा शिफर आ रहा है,रही सही कसर मौसम हर दिन के खोजी अभियान को विफल कर रहा  है, सूत्रों के मुताबिक वायुसेना ने लापता वायुकर्मियो के परिवारों को कहा है कि AN-32 के सभी लोगो को मृत मान लिया जाए ,

लेकिन अब इस मामले के समूचा देस बर्फ के मानिंद ठंढा पड़ा है, अब इस वक्त किसी की भी देशभक्ति क्यो उबाल नही मार रही है,

हमे सिर्फ तभी देशभक्ति याद आती है जब मामला पाकिस्तान से जुड़ा हुआ होता है !

हमें पिछले पाँच सालो में सिर्फ यही सुनते आ रहे है कि हमने भारत का खुद का जीपीएस, गूगल अर्थ से भी बेहतर भुवन तैयार करके रखा हुआ है, हम आये दिन अंतरिक्ष मे सैटेलाइट  फेकते रहते है, लेकिन क्या आज हम किस चीज के मोहताज है जिसकी वजह से हम अपने सैनिकों के विमान के लापता होने के कारण भी नही खोज पा रहे है,

सोसल मीडिया में लोगो की बदजुबानी का आलम यह है कि लोग इसे परग्रही घटना भी करार दे रहे है, अब जब सरकार और एयरफोर्स इस मुद्दे पर कुछ भी बताने से बच रही है तो कभी यह मुद्दा एलियन वाला होगा, तो कभी चीन की लेजर गन का मामला बन जायेगा,

जबकि असल समस्या हमारे सिस्टम में है , खबर यह आयी थी कि पूर्व में वायु सेना द्वारा इन पुराने रूसी विमानों को अपग्रेड किया जाना था , और कुछ हो भी गए थे, लेकिन जो अपग्रेड नही किये गए थे और उनपर काम चल रहा था उनकी उड़ाने बाधित की गई थी, लेकिन बिना अपग्रेड विमान को 13 लोगो के साथ संवेदनशील जगह पर क्यो उड़ाया गया, यक्ष प्रश्न जिंदा है किंतु सरकार और जिम्मेदार लोग मौन है