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कठुवा रेप केस
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कठुवा रेप केस:17 महीने बाद आसिफा को मिला इंसाफ, सांझी राम, दीपक खजूरिया और परवेश को उम्र कैद की सजा 

17 महीने बाद कठुवा कांड में इंसाफ 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

करीब 17 महीने पहले जम्मू कश्मीर के कठुवा में 8 साल की बच्ची आसिफा के साथ गैंगरेप के बाद मर्डर की खबर आई थी। नाबालिग बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और मर्डर केस के लिए आज का दिन बेहद अहम है क्योंकि आज एक विशेष अदालत ने इस मामले पर अपना फैसला सुनाया है। पठानकोट की एक विशेष अदालत ने इस मामले के 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है। इसके अलावा एक नाबालिग आरोपी को कोर्ट अलग कार्यवाई के बाद सजा देगी। एक घटना में एक आरोपी को बरी कर दिया गया है।

सांझी राम, दीपक खजूरिया और परवेश को उम्र कैद

अदालत ने कठुवा के 6 आरोपियों में से तीन सांझी राम, दीपक खजूरिया और परवेश को उम्र कैद की सजा सुनाई है। वहीं अन्य तीन आरोपी सुरिन्दर कुमार, तिलक राज और सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता को पांच साल की सजा सुनाई है।

आसिफा के 6 हुनहगार

कठुआ बलात्कार और हत्या मामले में पठानकोट की अदालत ने ग्राम प्रधान सांझी राम, उनके बेटे विशाल, दो विशेष पुलिस अधिकारियों दीपक खजुरिया और सुरेंद्र वर्मा और हेड कांस्टेबल तिलक राज को दोषी ठहराया है।

इस घटना का मास्टरमाइंड सांजी राम को बताया गया है। कोर्ट ने जिस आरोपी को इस केस से बरी किया है, सांजी राम उसी विशाल राम का पिता है। अदालत ने सबूतों के अभाव में विशाल को बरी कर दिया है।

वहीं, एक नाबालिग आरोपी को अलग मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है। जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय में उसकी उम्र निर्धारित करने की याचिका प्रतीक्षारत है, उस पर मुकदमा चलाना शुरू करना अभी बाकी है।

आरोपी के परिवार ने मीडिया को ठहराया जिम्मेदार

अदालत में मौजूद दोषियों के परिजनों ने इस फैसले के लिए मीडिया को जिम्मेदार ठहराया। अदालत से बाहर आने के बाद बचाव पक्ष के एक वकील ने कहा, "हम इस फैसले को चुनौती देंगे।"

किस मामले के तहत हुई सुनवाई

अदालत ने इस मामले में कठुवा के हेड कांस्टेबल तिलक राज और उप निरीक्षक आनंद दत्ता को दोषी ठहराया है। इन दोनों पुलिस अधिकारीयों ने आरोपी सांझी राम से चार लाख रुपये रिश्वत लेकर इस घटना के अहम सबूत नष्ट किये थे। जब बच्ची का शव मिला तो पोस्टमार्टम में बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या की पुष्टि हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार अदालत ने धाराओं 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), 302 (हत्या) और 376-डी (सामूहिक बलात्कार) समेत रणबीर दंड संहिता के तहत इन सभी के लिए आरोप तय किये हैं।

क्या है मामला घटना

आठ साल की मासूम आसिफा को कठुवा में गांव के एक मंदिर में बंधक बना कर रखा गया था। उसके साथ पूरे हफ्ते तक गैंग रेप किया गया। उसे नशे की दवाई देकर आरोपियों ने पहले चार दिन तक उसका बलात्कार किया। फिर पांचे दिन उसे जान से मार देने के बाद भी लगातार तीन दिन तक बलात्कार किया। आरोपियों को इस हैवानियत के लिए कम से कम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।