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कानपुर में मौलाना ने मदरसे में ले जाकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया !

मासूमों से बर्बरता  

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

"जब आपका शिक्षक ही आपकी बच्चियों की आबरू पर बुरी नजर रखे, तो फिर आपकी बच्चियां कही सुरक्षित नहीं है"

भारत गुरु शिष्य परंपरा का पुरातन वाहक रहा है जिसमें गुरु को ईश्वर से ज्यादा महत्व और स्थान दिया गया है ,लेकिन वर्तमान में घट रही घटनाओं को देखकर अजीब से बेचैनी होने लगी है, कि कब किसका ईमान बिगड़ जाए कुछ कहा नही जा सकता, इस बार घटना कुछ इस तरह घटी है।

घटना कानपुर की है जहां आवास विकास के हंसपुरम की है जहां एक मदरसे के मौलवी ने अपनी ही 15 वर्षीय छात्रा को मदरसे में ले जाकर बर्बरता पूर्वक दुष्कर्म किया है।

कानपुर के एक पेंटर की 15 वर्षीय बच्ची मदरसे में आलिम की तालीम लेती है जिसे एक महिला सहकर्मी के साथ मूल रूप से अकबरपुर के मटियापुर का निवासी जावेद चलाता है। रविवार की सुबह जावेद ने पीड़िता के घर जाकर मदरसे में किसी फार्म को भरने की बात बताई जिस वजह से पीड़िता की माँ ने बिना किसी शक और संदेह के बच्ची को मौलाना के साथ मदरसे रवाना कर दिया।

मदरसा बना हैवानियत का गवाह

मदरसे में ले जाकर जावेद ने पीड़ित किशोरी के साथ एक कमरे में जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया, गौर करने वाली बात यह भी है कि घटना के वक्त मदरसे के अंदर दूसरे कमरे में दो महिला शिक्षक भी मौजूद थी, जिनसे पीड़िता बार बार मदद की गुहार लगाती रही लेकिन सब कुछ जानते हुए भी दोनों महिलाओं में इस बाबत कोई मदद नहीं की।

बल्कि उसकी पुकार को अनसुना कर दिया, शाम को लगभग 7:30 के बाद मौलाना के छोड़ देने के बाद किशोरी ने घर पहुंच कर सारी बात बताई ,जिसके बाद किशोरी संग परिजनों ने थाने में मौलाना की शिकायत की ,पुलिस ने किशोरी की तहरीर पर मौलाना एवम अन्य दो लोगो के ऊपर दुष्कर्म,धमकी देने, और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया है।

मामले को रफा दफा करने की भी कोशिस की गई

मौलाना ने पीड़िता के परिजनो को भय एवम पैसे का लालच देकर मामले को रफा दफा करने की कोशिश भी की है,परिजनों के अनुसार मौलाना उन्हें पैसे लेकर केस वापस कराने की धमकी लगातार दे रहा है इस बाबत मदरसे से कई बार महिला शिक्षिकाओं के भी धमकी भरे फोन आ चुके है।

नया शिगूफा-निकाह किया है

मौलाना में मामले को बिगड़ता देखकर नया धार्मिक रंग देने की कोशिश भी की है, मौलाना के अनुसार बच्ची की उम्र 19 वर्ष से ऊपर है तथा उसने किशोरी के बालिग होने पर निकाह के बाद ही शारिरिक संबंध बनाए है जो कि शरीयत के हिसाब से पूरी तरह जायज है।

देखना यह है कि अब इस केस को किस अंजाम तक पहुचाया जाएगा, मौलाना जैसा जिम्मेदार व्यक्ति अगर इस कदम को उठाता है तो समाज को किस दिशा में भेजा जा रहा है,जहां अक्सर मौलानाओं को कट्टर धार्मिक शिक्षा के लिए आरोपित किया जाता है वही इस घटना ने आग में घी डालने का काम किया है।