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असदुद्दीन ओवैसी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बाबा रामदेव 
असदुद्दीन ओवैसी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बाबा रामदेव |Google
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अगर ऐसा हुआ तो 2024 में चुनाव नहीं लड़ पाएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

जनसंख्या नियंत्रण कानून पर तू-तू-मैं-मैं 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

क्या होता अगर लोकसभा चुनाव 2019 में नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री नहीं बनते ? शायद हम और आप इस सवाल के जवाब की कल्पना भी नहीं कर सकते। क्योंकि 2019 के इस लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को जिस तरह प्रचंड बहुमत के साथ भारत की जनता ने देश की बागडौर सौंपी है उससे तो बस यही लगता है कि मोदी आज देश के एक मात्र नेता हैं जिनके हाथों में देश सुरक्षित महसूस करता है। मोदी की जीत ना सिर्फ उनकी जीत हैं बल्कि हर उस देशवासी की जीत हैं जो मोदी को प्रधानमंत्री बनते हुए देखना चाहता था।

लेकिन नरेंद्र मोदी का दूसरी बार प्रधानमंत्री बनना कुछ नेताओं को रास नहीं आ रहा है। इसमें सबसे पहला नाम एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का है। वैसे तो असदुद्दीन ओवैसी अपने राजनीतिक मंच से खुले तौर पर नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को निशाना बनाते रहे हैं। लेकिन इस बार बाबा रामदेव की आड़ लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठाया है।

दरअसल इस लोकसभा चुनाव में बाबा रामदेव राजनीति से दूर रहे। ना कोई प्रचार ना कोई बयान। लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हुआ बाबा रामदेव ने एक विवादित बयान दे डाला। पातंजलि योगपीठ हरिद्वार में एक प्रेस कॉन्फ्रैंस करते हुए बाबा ने जनसंख्या नियंत्रण का आह्वान किया और कहा-

“जितनी तेजी से देश की जनसंख्या बढ़ रही है उसके लिए भारत तैयार नहीं है और किसी भी सूरत में अगले 50 सालों में भारत की आबादी 150 करोड़ से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।”

बाबा रामदेव

इसके अलावा बाबा रामदेव ने कहा,

“ सरकार को एक ऐसा कानून बनाना चाहिए जिसमें किसी भी दंपति के तीसरे बच्चे को वोट देने का अधिकार नहीं हो। इसके अलावा तीन बच्चे वालों के चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगे। साथ ही सभी तरह के सरकारी लाभ से भी उन्हें वंचित रखें।”

बाबा रामदेव

बाबा रामदेव के इस बयान पर एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाया है। उन्होंने मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि -

“ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मताधिकार सिर्फ इसलिए नहीं समाप्त होना चाहिए कि वह अपने माता-पिता की तीसरी औलाद हैं।”

ओवैसी ने ट्विटर पर सवाल किया, "लोगों को असंवैधानिक चीजें कहने से रोकने के लिए कोई कानून नहीं है, लेकिन रामदेव के विचारों पर अनावश्यक ध्यान क्यों दिया जा रहा है?"

“वह अपना पेट या अपने पैर हिलाकर कोई चीज कर सकते हैं तो इसका मतलब यह नहीं होता कि नरेंद्र मोदी अपने माता-पिता की तीसरी औलाद होने के नाते मताधिकार खो दें।”

असदुद्दीन ओवैसी

आपको बता दें, कि नरेंद्र मोदी दामोदरदास मूलचंद मोदी और हीराबेन मोदी से पैदा हुए छह बच्चों में तीसरे नंबर पर हैं। तीसरे बच्चे होने के नाते औवेसी को बाबा रामदेव के बयान पर पीएम मोदी को निशाना बनाने का मौका मिल गया। जिसे उन्होंने अच्छी तरह भुनाया।

वैसे अगर यह कानून लागू होता है तो औवेसी के लिए भी बड़ी मुसीबत हो जाएगी। क्योंकि असदुद्दीन ओवैसी के भी छह बच्चे हैं। अगर यह कानून लागू हुआ तो असदुद्दीन ओवैसी का बचा हुआ राजनीतिक भविष्य भी गर्त में चला जाएगा।