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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया, स्मृति ईरानी और राहुल गांधी में से कौन जीतेगा अमेठी

योगी आदित्यनाथ ने जो कहा वो अबकी होने जा रहा है। 

AKANKSHA MISHRA

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पांचवे चरण के लोकसभा चुनाव में बस 2 दिन बचे हैं । 6 मई को उत्तर प्रदेश की तीन महत्वपूर्ण सीटों पर चुनाव होना है। वाराणसी जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी उम्मीदवार हैं। रायबरेली जहां से UPA चेयरपर्सन सोनिया गांधी चुनावी मैदान में हैं और अमेठी जहां से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का मुकाबला बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से है।

स्मृति ईरानी ने जब से अमेठी में पर्चा भरा है तब से ही अमेठी की सियासत गरमाई हुई है और इसमें कोई दो राय भी नहीं है कि जिस तरह अमेठी में स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी की घेरा बंदी की है वैसा पहले कभी देखने को मिला है। स्मृति ईरानी और बीजेपी पूरी तरह अमेठी में कब्ज़ा करना चाहती है।

बीजेपी भी मानती है कि अमेठी में स्मृति ईरानी की जीत पक्की है। लेकिन अब तक के हुए सर्वे में अमेठी से राहुल गाँधी की जीत तय है। हालांकि वोट प्रतिशत बहुत कम है। अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमेठी लोकसभा सीट पर भविष्यवाणी करते हुए कहा है कि "कांग्रेस के लोग खुद यह मानते हैं कि अमेठी में कांग्रेस हार रही है। रायबरेली में लड़ाई है, सीट अंततः भाजपा द्वारा ही जीती जाएगी।"

“लोगों को बीजेपी से उम्मीदें हैं कांग्रेस ने 4 पीढ़ियों से अमेठी और रायबरेली के लोगों को निराश किया। अमेठी में भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी को जिस तरह का समर्थन मिल रहा है, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। स्मृति ईरानी अमेठी में पिछले 5 वर्षों से जो काम कर रही है, जो राहुल जी ने पिछले 15 वर्षों में भी नहीं किया है।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उन्होंने कहा कि "राहुल गांधी ने वहां उतना काम नहीं किया है, जितना कि अमेठी में स्मृति जी ने किया। वहां के लोग एक बदलाव चाहते हैं, और स्मृति ईरानी जी उस बदलाव के विकल्प के रूप में हैं।"

अमेठी और रायबरेली में कांग्रेस के प्रचार का जिम्मा उठाने वाली प्रियंका गाँधी वाड्रा पर बोलते हुए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि "SP-BSP ने अमेठी-रायबरेली में किसी भी उम्मीदवार का नाम नहीं दिया है। ये सभी दल एक या दूसरे स्थान पर 'वोट कटवा' की भूमिका निभा रहे हैं। वे वोट काटने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, जीतने के लिए नहीं।”

'बाबर की औलाद' कहने पर इलेक्शन कमीशन द्वारा मिले नोटिस पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि "आपसी बातचीत को कहीं क्वोट (Quote) करना अचार संहिता में नहीं आता है। कोई भजन करने के लिए जाता है क्या मंच पर ? उखाड़ देने के लिए और अपने विरोधियों को घेरने के लिए मंच पे जाते हैं।"

इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा वे (विपक्ष) 2014 में हार ग थे, 2017 में भी वे हार गए, वे 2019 और 2022 में भी हार जाएंगे और अब 2024 में भी उन्हें हराने की नींव रखी जा चुकी है।