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PM पद के लिए मायावती बनी दूसरी पसंद 
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........तो मुलायम सिंह यादव के रूप में देश को मिल सकता है नया प्रधानमंत्री 

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव चाहते हैं कि इस चुनाव में पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव देश के प्रधानमंत्री बनें।

AKANKSHA MISHRA

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......मुलायम सिंह यादव देश के प्रधानमंत्री बनते हो अच्छा होता। ऐसा होने से नेताजी को सम्मान मिलेगा!

ये इच्छा जताई है नेताजी के बेटे अखिलेश यादव ने। लेकिन लगता है इस इच्छा को जाहिर करने से पहले उन्होंने बहन मायावती जी से परमिशन नहीं ली होगी। तभी तो उन्होंने ऐसे बात कह दी। या फिर पिता के प्रेम में उनकी जुबान फिसल गई होगी। दरअसल जब अखिलेश यादव से पूछा गया अगर सपा-बसपा गठबंधन चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करती है तो प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा ?

इसपर जवाब देते हुए अखिलेश ने कहा, "अच्छा होगा, अगर नेताजी को प्रधानमंत्री बनने का सम्मान मिले। वह देश के सबसे वरिष्ठ नेता हैं और इस पद पर बैठने के योग्य भी हैं। मैं उन लोगों में शामिल हूं जो देश में नया प्रधानमंत्री चाहते हैं। मैं चाहता हूं कि केंद्र की अगली सरकार के गठन में उत्तर प्रदेश का योगदान हो।"

खैर इतना बोलने के बाद ही उन्हें याद आ गया कि उनकी पार्टी का उत्तर प्रदेश में गठबंधन कभी उनकी धुर विरोधी रही बहुजन समाज पार्टी से है। और बसपा प्रमुख बहन मायावती जी खुद को अभी से ही नहीं ना जाने कब से देश की भावी दलित प्रधानमंत्री के रूप में देखती हैं।

ऐसे में अखिलेश यादव का ऐसा बयान बुआ-बबुआ के नाजुक गठबंधन के लिए मुसीबत बन सकता है। वो भी तब जब खुद सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने भरे सांसद में कहा हो कि -

"मैं चाहता हूं कि नरेंद्र मोदी दोबारा पूर्ण बहुमत से जीत कर आए और प्रधानमंत्री बने। उनसे बेहतर नेता देश में कोई नहीं है। "

SP-BSP Alliance
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बहन मायावती जी का ख्याल आने के बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपने बयान में थोड़ा बदलाव किया और कहा -

"हमारा गठबंधन भारत को नया प्रधानमंत्री देना चाहता है। जब अंतिम नतीजे सामने आ जाएंगे, तब पार्टी प्रधानमंत्री पद के बारे में तय करेगी। लेकिन मुझे लगता है, वह संभवत: प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं।"

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आपको याद होगा जब उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा महागठबंधन की नींव रखी गई थी तभी से ही बहन मयावती जी ने खुद को गठबंधन का प्रधानमंत्री घोषित कर दिया था। इन्ही सब कारणों की वजह से कांग्रेस इस महागठबंधन का हिस्सा नहीं बनी।

एक ही मंच पर बैठे कर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बसपा की मुखिया मायावती को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में समर्थन देने का संकेत दिया था।

अखिलेश यादव ने कहा था कि, "उत्तर प्रदेश ने अतीत में कई प्रधानमंत्री दिए हैं। आप जानते हैं कि मैं किसका समर्थन करूंगा। मुझे खुशी होगी अगर राज्य से कोई और प्रधानमंत्री बनता है।"

ऐसे में अखिलेश यादव का मायावती के खिलाफ जाकर पिता-पुत्र प्रेम में मुलायम सिंह यादव को प्रधानमंत्री बनाने का संकेत देना उत्तर-प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन के लिए मुसीबत बन सकता है।