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पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ पाएंगे बर्खास्त BSF जवान तेज बहादुर यादव 

तेज बहादुर यादव को इलेक्शन कमीशन द्वारा समय दिए जाने पर बीजेपी ने नाराजगी जताई है। 

AKANKSHA MISHRA

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पीएम मोदी की संसदीय सीट वाराणसी को लेकर रोज नए-नए विवाद सामने आ रहे हैं। यहां समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन के उम्मीदवार तेज बहादुर यादव की उम्मीदवारी दांव पर लगी है। चुनाव आयोग ने तेज बहुदर यादव का नामांकन ख़ारिज करने के लिए उन्हें नोटिस जारी किया था । जिसपर जवाब नहीं मिलने के बाद चुनाव आयोग ने उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी है।

दरअसल उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट पर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ दांव खेलते हुए सपा-बसपा गठबंधन ने BSF के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव को आप उम्मीदावर बनाया था। लेकिन अब तेज बहादुर की उम्मीदवारी पर चुनाव आयोग की तलवार लटक चुकी है। क्योंकि तेज बहादुर यादव ने अपने दो हलफनामों में बर्खास्तगी के दो अलग-अलग कारण बताए थे। जिसे लेकर चुनाव आयोग ने उनपर सवाल उठाए थे।

Tej bahadur yadav
Tej bahadur yadav
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क्या है मामला

दरअसल तेज बहादुर यादव नए-नए सपा नेता बने हैं। यह मामला तब शुरू हुआ जब सपा ने वाराणसी सीट से शालिनी यादव को अपना उम्मीदवार बनाया था। शालिनी यादव ने वाराणसी सीट से अपना नामांकन भी दाखिल कर लिया था। तब तेज बहादुर यादव निर्दलीय उम्मीदवार थे। उन्होंने 24 अप्रैल को बतौर निर्दलीय उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल किया। जिसके बाद 29 अप्रैल को तेज बहादुर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। समाजवादी पार्टी ने उन्हें शालिनी यादव की जगह वाराणसी सीट से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया और उन्होंने 29 अप्रैल को ही समाजवादी पार्टी के चुनाव चिन्ह पर अपना नामांकन किया था।

तेज बहादुर यादव ने अपने पहले हलफनामे में बताया था कि उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप की वजह से सेना से बर्खास्त किया गया था। जबकि बाद में समाजवादी पार्टी का टिकट मिलने पर दोबारा नामांकन दाखिल करते हुए उन्होंने अपने हलफनामे में इस बात को छुपा लिया। जिसके बाद जिला निर्वाचन कार्यालय ने तेज बहादुर यादव से चुनाव आयोग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लाकर जमा करने का निर्देश दिया है । इस प्रमाणपत्र को जमा करने के लिए तेज बहादुर यादव को एक दिन का समय दिया गया। यह प्रमाणपत्र उन्हें 1 मई को सुबह 11 बजे तक जमा करना था । प्रमाणपत्र जमा ना करने की स्थिति में उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया है।

तेज बहादुर ने क्या कहा

इस विषय में तेज बहादुर यादव का कहना है कि नामांकन के वक्त उनसे इस तरह के किसी भी प्रमाणपत्र की मांग नहीं की गयी। यदि मेरे नामांकन पत्र में किसी भी तरह की कमी थी तो मुझे उसी वक्त बताना चाहिए था। मंगलवार तीन बजे जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा मुझसे अनापत्ति प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कल 11 बजे तक का समय दिया गया। कल 11 बजे तक अनापत्ति प्रमाणपत्र लाना किसी भी कीमत पर संभव नहीं है। इससे यह बात साफ दिख रही है की प्रधानमंत्री मोदी जी का निर्वाचन कार्यालय पर दबाव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह नहीं चाहते कि मैं यहाँ से उनके खिलाफ चुनाव लड़ूँ।