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आईएनएस इंफाल
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भारतीय नौसेना में शामिल हुआ विध्वंसकारी आईएनएस इंफाल, पड़ोसी देशों की नींद हुई हराम 

गाइडेड मिसाइल को ध्वस्त करने में माहिर है भारत का नया प्रहरी आईएनएस इंफाल 

Puja Kumari

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बीते शनिवार का दिन हमारे देश के लिए बेहद ही गौरवशाली रहा क्योंकि इस दिन भारतीय नौसेना ने समुद्री सीमा की सुरक्षा में एक नया कदम उठाते हुए अत्याधुनिक हथियारों से लैस आईएनएस इंफाल को मुंबई के मंझगांव डॉक से समुद्र में उतार दिया। भारत में ही डिजाइन हुआ नौसेना का यह युद्धपोत गाइडेड मिसाइलों को ध्वस्त करने में पूरी तरह से माहिर है। इस सुनहरे मौके पर मौजूद डॉक शिपबिल्डर्स के कर्मियों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाकर आईएनएस इंफाल की लॉन्चिंग की खुशी को और दोगुना कर दिया। इस दौरान आईएनएस इंफाल को समुद्र में उतारने से पहले नौसेना की परंपरा का पालन करते हुए नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा की पत्नी और कल्याण संगठन की प्रमुख रीना लांबा ने पोत के एक हिस्से पर नारियल फोड़ा और इसकी भारतीय परंपरा के अनुसार विधिवत पूजा भी की।

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रक्षा क्षेत्र में इस नई उपलब्धि के आ जाने से भारत की सुरक्षा और मजबूत हो गई है, यही कारण है कि अब दुश्मन देशों की टेंशन भी बढ़ गई हैं। ये तो आपको भी पता ही होगा कि हमारे पड़ोसी देश खासतौर से पाकिस्तान आए दिन भारत में अपने घुसपैठिये भेजने की कोशिश करता रहता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि आईएनएस इंफाल उनकी इन कोशिशों को नाकाम करने में पूरी तरह से सक्षम है।

प्रोजेक्ट 15 बी के तहत बने दो युद्धपोत 2015 और 2016 में सेना में शामिल हो चुके थें जो कि विशाखापत्तनम और मोरमुगाओ बंदरगाह पर समुद्र में उतारे गए थे, आईएनएस इसके तहत बना तीसरा युद्धपोत है।

आइए जानें आईएनएस इंफाल की खासियत

मेक इन इंडिया के तहत बना युद्धपोत आईएनएस इंफाल सिर्फ गाइडेड मिसाइलों को ध्वस्त करने में ही नहीं बल्कि उन्हे चकमा देने में भी भी माहिर है। इसके अलावा आईएनएस इंफाल अपने भार से कई गुना ज़्यादा वज़न उठाने की क्षमता रखता है। इस युद्धपोत का वजन तकरीबन 3000 टन है, लेकिन जब इसे अत्याधुनिक हथियारों, मिसाइलों और कैरियर हेलीकॉप्टरों से लैस कर दिया जायेगा तो उस दौरान इसका वज़न 7300 टन तक पहुंच सकता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात तो ये है कि स्टेल्थ होने की वजह से यह जहाज आसानी से रडार की पकड़ में नहीं आता और इनका पता लगा पाना मुश्किल हो जाता है। चार गैस टरबाइन से चलने वाला यह पोत 30 नॉट की गति से समुद्र में तेजी से आगे बढ़ सकता है, साथ ही साथ इस युद्धपोत 2 हेलिकाप्टरों को तैनाती एक साथ हो सकती है। सिर्फ इतना ही नहीं इसकी मिसाइलें जमीन, समुद्र और आकाश में भी अचूक निशाना साध सकती है।