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नरसिम्हा राव पर जूते से हमला  
नरसिम्हा राव पर जूते से हमला  |Uday Bulletin File photo
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भाजपा सांसद और प्रवक्ता नरसिम्हा राव पर जूता फेंकने वाला दिमागी मरीज है, फिर उसे संवाददाता सम्मेलन में किसने बुलाया  

बीजेपी के प्रेस कांफ्रेंस में जूता फेंकने का मामला सामने आया है। 

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव पर आज बीजेपी हेडक्वाटर नई दिल्ली में जूता से हमला किया गया। नरसिम्हा राव पर जब हमला हुआ उस समय वह बीजेपी हेडक्वाटर में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे तभी एक व्यक्ति ने उनके ऊपर अपना जूता फेंक दिया । जूता सीधे उनके मुंह में लगा। हमले के तुरंत बाद उस जूता फेंकने वाले शख्स को वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओँ ने पकड़ लिया और इसकी सुचना पुलिस को दे दी गई। पुलिस भी मौके पर तुरंत पहुंची और आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना के बाद भाजपा के राज्यसभा सदस्य ने प्रेस कांफ्रेंस जारी रखा।

साध्वी प्रज्ञा के लिए हो रहा था प्रेस कांफ्रेंस

दरअसल जीवीएल नरसिम्हा राव पर जूता उस समय फेंका गया जब वे मीडिया को बता रहे थे की साध्वी प्रज्ञा मध्य प्रदेश के भोपाल से बीजेपी की लोकसभा उम्मीदवार होंगी। उनके साथ इस मौके पर भूपेंद्र यादव भी थे। बता दें कि साध्वी प्रज्ञा ने कल यानी बुधवार को ही बीजेपी ज्वाइन की और आज पार्टी ने उन्हें लोकसभा का टिकट थमा दिया। साध्वी प्रज्ञा मालेगांव ब्लास्ट केस में ट्रायल का सामना कर रही हैं। उन्हें 2008 में 9 साल की सजा भी सुनाई गई थी। इस समय वह जमानत पर बाहर हैं।

कौन है जूता फेंकने वाला शख्स ?

वैसे तो इस घटना के बाद सांसद नरसिम्हा राव ने इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया है।

राव ने हमले के बाद कहा, "यह कांग्रेस द्वारा की गई निंदनीय घटना है। यह कांग्रेस से प्रभावित एक व्यक्ति की हरकत है, जो समान सोच के साथ यहां आया था।"

लेकिन जब पुलिस की जांच शुरू हुई तो पता चला कि हमलावर व्यक्ति का नाम शक्ति भार्गव है वह उत्तर प्रदेश के कानपूर का रहने वाला है। उसका एक बड़ा परिवार है और वह कानपूर के भार्गव अस्पताल का मालिक भी है। हालांकि परिवार ने उसे दो साल पहले ही जायदाद से बेदखल कर दिया था जिसके बाद वह लौट कर कभी घर नहीं आया। वह अपनी मां से भी दो सालों से नहीं मिला है। आस पड़ोस के लोगों से पता चला कि किसी प्लाट की वजह से वह काफी परेशान चल रहा है। उसकी मानसिक हालत भी ठीक नहीं है।

अब सवाल ये उठता है कि, किसी दिमागी मरीज को देश की सबसे बड़ी पार्टी के हेडक्वाटर में घुसने की अनुमति किसे दी ? क्या कोई भी अनजान शख्स इस तरह संवाददाता सम्मेलन में में जा सकता है ?

नया नहीं है जूता कांड

किसी भी नेता पर जूता फेंकने का यह मामला नया नहीं है। इससे पहले भी कई नेताओं पर जूते, इंक, मिर्ची पाउडर फेंके गए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवार का नाम इसमें सबसे आगे है। अरविन्द केजरीवार पर तो जूता, मिर्ची, सियाही तक से हमला हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी पर भी 2016 में सीतापुर की रैली के दौरान जूता फेंका गया था। ओड़िसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनाक पर कुछ दिन पहले ही चुनाव-प्रचार के दौरान जूते से हमला हुआ था। जूते से मार खाने वाले नताओं की लिस्ट में और भी कई नाम हैं जैसे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और अमरीकी प्रेसिडेंट जॉर्ज डब्लू बुश।