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जलियांवाला बाग हत्याकांड
जलियांवाला बाग हत्याकांड |Social media
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जलियांवाला बाग हत्याकांड पर ब्रिटिश उच्चायुक्त का खत सोशल मीडिया में क्यों वायरल हो रहा है ? 

आज पूरा देश जलियांवाला बाग में ब्रिटिश बलों द्वारा निर्दोष भारतीयों के नरसंहार की 100वीं बरसी मना रहा है। 

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देश -भारत , शहर - अमृतसर, स्थान जलियांवाला बाग़ , तारीख 13 अप्रैल 1919, क़्क्त शाम के करीब 6 बजे ................

उस दिन जलियांवाला बाग़ में करीब 20 से 25 हज़ार लोग बैशाखी का त्यौहार मनाने जमा हुए थे , तभी अचानक लोगों को अजीब-अजीब आवाजें सुनाई देने लगी। एक हवाई जहाज़ जलियांवाला बाग में उतरने को तैयार था। भारत के लोगों ने इससे पहले कभी हवाई जहाज नहीं देखा था। कुछ लोग जहाज देख कर हट गए और जो नहीं हटे वे पंखे से कट गए। मैदान में खड़ी भीड़ चिल्लाने लगी तभी 50 हज़ार ब्रिटिश सैनिक प्रकट हुए और अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। और इस तरह इतिहास में दर्ज हुआ भारत में ब्रिटिश शासन काल का सबसे काला दिन जलियांवाला बाग़ नरसंहार।

इस बात को आज 100 साल बीत गए। आज पूरी दुनिया जलियांवाला बाग में ब्रिटिश सैनिकों द्वारा सैकड़ों निर्दोष भारतीयों के नरसंहार की 100वीं बरसी मना रहा है। इस मौके पर ब्रिटिश उच्चायुक्त सर डोमिनिक ऐस्क्विथ भी मौजूद थे। उन्होंने इस घटना पर बहुत खेद और दुख व्यक्त किया लेकिन एक बार फिर उन्होंने इन नृशंस हत्याओं पर ब्रिटिश सरकार द्वारा माफी मांगने को लेकर कोई वादा नहीं किया।

ब्रिटिश उच्चायुक्त ने जलियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल में आगंतुक पुस्तिका में लिखा,

"हमें इस बात का बेहद अफसोस है। आज हम बेहद दुख के साथ उन लोगों को याद करते हैं जो 13 अप्रैल, 1919 को मारे गए थे और इस पर खेद जताते हैं।"

जिसके बाद ब्रिटिश उच्चायुक्त ऐस्क्विथ ने स्मारक पर पुष्प अर्पित किए। ऐस्क्विथ ने मीडिया से कहा, "मुझे पता है कि यह वास्तव में एक महत्वपूर्ण सवाल है। मैं आपसे बस, यहां मैं जो करने आया हूं उसका सम्मान करने के लिए कहता हूं जो उन लोगों को याद के लिए है जिनकी 100 साल पहले यहां मौत हो गई थी। मैं ब्रिटिश सरकार और ब्रिटिश लोगों के दुख को व्यक्त करने के लिए आया हूं।"

उन्होंने कहा, "100 साल पहले जो हुआ वह एक दुखद घटना थी। इस सप्ताह संसद में प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने इसे हमारे इतिहास में 'शर्मनाक दाग' के रूप में संदर्भित किया था।

आपको बता दें कि, इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पंजाब के मुख़्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित कई लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।