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उप्र सीएम योगी आदित्यनाथ की रैली 
उप्र सीएम योगी आदित्यनाथ की रैली |Google
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योगी आदित्यनाथ को है बजरंगबली पर भरोषा, कहा - बजरंगबली के अनुयायी गठबंधन को कभी बर्दास्त नहीं करेगें 

योगी आदित्यनाथ ने कहा “हमारा संकल्प है मंदिर बनाना। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द मंदिर बने।”

AKANKSHA MISHRA

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मोदी सरकार की केंद्र में दोबारा वापसी के लिए धुआँधार जनसभा और रैलियों को संबोधित कर रह हैं। उन्होंने मेरठ की जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही मजबूत सरकार दे सकते हैं। अपनी रैली में मुख्यमंत्री योगी ने सपा-बसपा-लोक दल और कांग्रेस को मुसलमानों की पार्टी बताते हुए कहा इस पार्टी में हरे रंग का वायरस है। जिसकी देश को जरुरत नहीं है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी रैली को संबोधित करते हुए कहा -

"आपने परसों सहारनपुर में मायावती जी का भाषण सुना होगा, अपने भाषण में मायावती जी क्या कह रही है ? अगर हमें मुस्लिम वोट मिल जाये तो गठबंधन को बांकी वोट नहीं चाहिए। मैं आपसे कहना चाहता हूँ, अगर कांग्रेस, सपा और बसपा को अली पर विश्वास है तो हमें भी बजरंगबली पर विश्वास है। और मैं आपसे कहना चाहता हूँ कि कांग्रेस, सपा, बसपा और लोकदल के लोगों ने मुसलमानों को अपना मान लिया है, ये लोग इस बात को मान चुके हैं कि बजरंगबली के अनुयायी उन्हें कभी बर्दास्त नहीं करेगें। ये मंच पर प्रचार करते हुए केवल अली -अली का हरा वायरस इस देश के लोगों को देना चाहते हैं । इस हरे वायसर के चपेट में उत्तर प्रदेश के लोगों को आने की जरुरत नहीं है। हम पहले ही इस वायरस का सफाया कर चुके हैं और इस बार उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा लोक दल और कांग्रेस के गठबंधन वाले इस वायरस को पूरी तरह उखाड़ फेकेंगे। "

उत्तर प्रदेश लोकसभा इलेक्शन 
उत्तर प्रदेश लोकसभा इलेक्शन 
Twitter-ANI

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले की सरकारों में कोई महीना ऐसा नहीं होता था, जब दंगा नहीं होता हो। कोई पर्व या त्योहार शांति से नहीं होता था। दंगाइयों को सत्ता का संरक्षण मिलता था। दंगाइयों को वोट बैंक बनाया गया था। सपा-बसपा और कांग्रेस का एक ही लक्ष्य है अपने परिवार का कल्याण, वो देश कल्याण की बात कभी कर ही नहीं सकते हैं।

योगी ने कहा, "सपा-बसपा-कांग्रेस के समय में किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर होते रहे। गन्ना मूल्यों का भुगतान नहीं होता था। हमारी सरकार ने सिर्फ दो वर्ष 62 हजार करोड़ रुपये का भुगतान करने का काम किया है।"