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BJP ने अपना ‘संकल्प पत्र’ जारी किया
BJP ने अपना ‘संकल्प पत्र’ जारी किया|IANS
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2014 से 2019 तक: बीजेपी के ‘संकल्प पत्र’ में क्या-क्या नहीं बदला 

BJP ने अपने ‘संकल्प पत्र’ को पार्टी मुख्यालय में ‘संकल्पित भारत, सशक्त भारत’ की टैगलाइन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में जारी किया।

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

भारतीय जनता पार्टी ने आज यानी 8 अप्रैल को अपना इलेक्शन मेनिफेस्टो जारी कर दिया। 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए जारी बीजेपी के घोषणापत्र को संकल्प पत्र नाम दिया गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणा-पत्र को जारी करते हुए 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने, सभी किसानों तक पीएम-किसान योजना का लाभ पहुंचाने और छोटे व सीमांत किसानों को पेंशन देने का वादा किया है। बीजेपी के संकल्प पत्र में आजादी के 75 सालों पर फोकस करते हुए 75 संकल्प किए गए हैं।

आइए पहले नज़र डालते हैं बीजेपी द्वारा किये गए उन वादों पर जो 2014 के लोकसभा चुनाव में भी किये गए थे और इस बार के लोकसभा चुनाव में भी किये गए हैं।

2014 में किये बीजेपी के वादे जो 2019 में नहीं बदले

बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए जारी किए गए अपने घोषणापत्र में अपने प्रमुख वैचारिक मुद्दों-अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, जम्मू एवं कश्मीर में अनुच्छेद 370 निरस्त करने और समान नागरिक संहिता बनाने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है और कहा -

  • हम राम मंदिर पर अपने पक्ष को दोहराते हैं। हम अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए संविधान के दायरे के अंतर्गत सभी संभावनाओं की तलाश करेंगे।
  • हमने बीते पांच वर्षो में जम्मू एवं कश्मीर मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई की और हमारी दृढ़ नीति के तहत जम्मू एवं कश्मीर में शांति स्थापित करने के सभी जरूरी उपाय किए गए सरकार इसे जारी रखेगी।
  • कहा, "हम अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लिए जनसंघ के जमाने से ही अपने प्रतिबद्धता को दोहराते आ रहे हैं। हम संविधान के अनुच्छेद 35 A को समाप्त करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं, क्योंकि यह जम्मू एवं कश्मीर के अस्थायी निवासियों व राज्य की महिलाओं के साथ भेदभाव करता है।"
  • कहा, "हम विश्वास करते हैं कि अनुच्छेद 35ए राज्य के विकास में बाधा है। हम राज्य के सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।"
  • घोषणापत्र में कश्मीर पंडितों की सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव प्रयास करने और पश्चिमी पाकिस्तान, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू एवं कश्मीर और चंब के शरणार्थियों को दोबारा बसाए जाने के लिए वित्तीय सहायता देने पर प्रतिबद्धता जताई गई है।
  • समान नागरिक संहिता को लागू करने पर भी बीजेपी ने प्रतिबद्धता जताई है।
  • इसके साथ ही नागरिकता संशोधन विधेयक लागू करने पर प्रतिबद्धता जताई, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि पार्टी इस विधेयक के प्रति असंतुष्टि जताने वाले पूर्वोत्तर भारत के लोगों के समक्ष मुद्दे को स्पष्ट करने का हरसंभव प्रयास भी करेगी।

Loksabha election 2019- बीजेपी का पूरा घोषणा पत्र यहां पड़े-

bjp-election-2019-english.pdf
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बीजेपी के घोषणा पत्र की 19 बड़ी बातें -

  • संकल्प पत्र' में कृषि क्षेत्र में उत्पादकता को बेहतर बनाने के लिए 25 लाख करोड़ रुपये के निवेश का भी संकल्प लिया गया है।
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) की घोषणा इस साल के बजट में की गई थी, जिसका मकसद देश के 12.5 करोड़ छोटे व सीमांत किसानों को छह हजार रुपये मुहैया कराना था।
  • सत्तारूढ़ दल ने वादा किया है कि अगर लोकसभा चुनाव के बाद वे सत्ता में लौटते हैं तो इस योजना का दायरा देश के सभी किसानों तक बढ़ाया जाएगा।
  • पार्टी ने कहा कि 60 साल के सभी छोटे व सीमांत किसानों के लिए पेंशन योजना शुरू की जाएगी, ताकि उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
  • इसके साथ ही भाजपा ने मूल धन के भुगतान की शर्त पर एक से पांच साल के लिए एक लाख रुपये शून्य ब्याज दर पर छोटी अवधि के ऋण मुहैया कराने का भी वादा किया।
  • भाजपा ने कहा कि वह सभी प्रकार के कृषि आयात को कम करने और निर्यात बढ़ाने व आयात घटाने के लिए अंतर्निहित तंत्र के साथ एक अनुमानित निर्यात और आयात नीति बनाने पर काम करेगी।
  • घर बैठे परीक्षण सुविधाओं के साथ किफायती दरों पर अच्छी किस्मों के उन्नत बीजों की समय पर उपलब्धता अन्य वादों में शामिल है।
  • पार्टी ने कहा कि वह कृषि उत्पादों के लिए एक कुशल भंडारण और परिवहन तंत्र का निर्माण करेगी। इसके साथ ही कृषि उत्पादों के भंडारण के लिए आवश्यक रसद संपर्क सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के समीप एक राष्ट्रीय वेयरहाउसिंग ग्रिड की स्थापना भी की जाएगी।
  • इसके अलावा किसान को अपने गांव के समीप कृषि उपज का भंडार करने और पारिश्रमिक मूल्य के साथ उचित समय पर बेचने के लिए एक नई ग्राम भंडारण योजना भी शुरू की जाएगी।
  • इसके साथ ही कृषि उपज के भंडारण की रसीद के आधार पर किसानों को किफायती दरों पर ऋण की पेशकश की जाएगी।
  • भाजपा ने कहा कि वह पहाड़ी, जनजातीय और वर्षा वाले क्षेत्रों के अतिरिक्त 20 लाख हेक्टेयर जमीन पर रसायन मुक्त जैविक खेती को बढ़ावा देगी और बिक्री बढ़ाने के लिए एक ई-कॉमर्स पोर्टल लॉन्च करेगी।
  • इसके साथ ही देश में गौशालाओं को जैविक खेती के प्रचार से जोड़ा जाएगा और जैविक पर्यावरण का प्रसार किया जाएगा।
  • सत्तारूढ़ दल ने कहा है कि वह बुनियादी सुविधाओं को विकसित और विपणन सहायता प्रदान कर शहद उत्पादन को दोगुना करने के लिए एक मिशन शुरू करेगा।
  • भाजपा के घोषणा-पत्र में लघु सिंचाई के अंतर्गत एक करोड़ हेक्टेयर कृषि भूमि लाना, 2022 तक 10,000 नए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का निर्माण करना और सब्जियों, फलों, डेयरी व मत्स्य उत्पादों के प्रत्यक्ष विपणन का एक तंत्र बनाना भी शामिल है।
  • घोषणा-पत्र में कहा गया है कि किराए पर कृषि-उपकरणों की उपलब्धता को बढ़ावा देने के लिए एक मोबाइल एप आधारित प्रणाली शुरू की जाएगी।
  • घोषणा-पत्र के मुताबिक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निग, भविष्यसूचक और लाभदायक कृषि सुनिश्चित करने हेतु बिग डेटा एनालिटिक्स का लाभ उठाने के लिए युवा कृषि-वैज्ञानिकों को सक्षम बनाना भी पार्टी के एजेंडे में होगा।
  • घोषणा-पत्र में कहा गया है कि आधार परियोजना की तर्ज पर भूमि रिकॉर्ड का पूर्ण डिजिटीकरण भी एक मिशन मोड पर किया जाएगा।
  • पार्टी ने कहा कि पशुपालन के लिए वह टीकाकरण के दायरे में विस्तार करेगी और चारे की कमी को समाप्त करेगी। इसके साथ ही सभी मवेशियों और अन्य घरेलू पशुओं की आवधिक स्वास्थ्य जांच के लिए एक मॉडल कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
  • भाजपा ने कहा कि पार्टी 10 हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ 'मत्स्य संपदा योजना' शुरू करेगी, जो समुद्री खरपतवार, मोती के साथ-साथ सजावटी मछली पालन को सुगम बनाएगी।

मोदी सरकार के वो वादे जो 2014 में थे पर अब नहीं हैं

लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनावी घोषणापत्र में इस बार रोजगार, जीएसटी, काला धन और नोटबंदी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पूरी तरह से गायब दिखे-

  • 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा किया था, जिसका मतलब पांच साल में 10 करोड़ नौकरियां। जिसे पार्टी ने इस बार मुद्दा नहीं बनाया।
  • भाजपा ने 2014 में 80 लाख करोड़ रुपये का काला धन वापस लाने और हर भारतीय के बैंक खाते में 15 लाख रुपये देने का वादा किया था। काला धन इस बार मुद्दा नहीं है।
  • भाजपा ने 2014 में किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था जबकि वर्तमान में कृषि विकास दर 2.9 प्रतिशत है, ऐसे में किसानों की आय दोगुनी होने में 28 साल लगेंगे।

हालांकि बीजेपी ने इस वादे को नए मॉडल में पेश किया है। लेकिन काला धन और नोटबंदी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अब पार्टी की दिलचस्पी नहीं है।