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 दलेपुर गांव, नोएडा
दलेपुर गांव, नोएडा|Google Image
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लोकसभा चुनाव 2019: नोएडा का एक गांव जहां लोग आज तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित है, जानिए क्या है गांव वालों का कहना

गांव वालों को यमुना नदी पार कर जाना पड़ता है मतदान केंद्र

Anuj Kumar

Anuj Kumar

देश में जहां हर तरफ चुनावी माहौल है। नेता रैली में पुराने वादों को भूल कर लोगों से नए-नए वादे कर रहे हैं। चारों ओर केवल रैलियों का ही शोर गूँज रहा है । ऐसे में नॉएडा जैसे आधुनिक शहर में एक ऐसा गांव भी है जहां अजादी के 70 साल बाद भी लोग बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहे हैं। दिल्ली से कुछ ही किलोमीटर स्थिति नोएडा के दलेपुर गांव के लोग आज भी विकास से वंचित है। न सड़क है न बिजली और न पीने का स्वच्छ पानी है। यहां तक की आधार कार्ड बनाने के लिए भी यहां सरकार का कोई नुमाइंदा नहीं पहुंचा। लोगों में सरकार के प्रति जबरदस्त नाराजगी है। जिसके कारण दलेपुर के लोगों ने ये फैसला किया है कि वो इस बार के चुनाव में मतदान नहीं करेंगे।

दलेपुर के इस गांव में जाने के लिए एकमात्र साधन है नाव। यमुना नदी पार कर तीन किलोमीटर कड़ी धुप में सफर कर आप इस गांव में पहुंच सकते है। गांव में कुल 250 लोग हैं इनमें से 100 मतदाता है। जबकि 2014 के चुनाव में यहां से 200 मतदाता थे। गांव वालों का कहना है कि उनके गांव में सड़क, बिजली , शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे कोई सुविधा नहीं है यहां तक की उनके पास आधार कार्ड भी नहीं है। बुजुर्गों को पेंशन की सुविधा भी नहीं है। जिस वजह से लोगों ने चुनाव बहिष्कार करने का फैसला किया है।

जरा सोचिए.. लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व में ये गांव वाले हिस्सेदार नहीं होंगे। शायद इन 100 लोगों के वोट से किसी भी पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पिछले 70 साल से न जाने कितनी सरकारें आई और गई लेकिन इन गांव वालों की सुध लेने वाला कोई नहीं था। शायद ये गांव वाले किसी पार्टी के वोट बैंक नहीं है शायद इनके वोट पर किसी पार्टी का कॉपी राइट नहीं है। शायद ये देश के वो तबके है जिन्हें सरकारों की उपेक्षाओं ने हाशिए पर धकेल दिया है।

बता दें कि इस सीट पर 11 अप्रैल को चुनाव होना है गांव वालों के लिए गुलवारी गांव में मतदान केंद्र बनाया गया है। मतदान केंद्र पहुंचने के लिए गांव वालों को या तो यमुना नदी पार करना पड़ेगा या फिर फरीदाबाद और दिल्ली के रास्ते से होते हुए 70 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी।

कौन कौन है उम्मीदवार

2014 के चुनाव में इस सीट पर बीजेपी का कब्जा रहा था। बीजेपी नेता महेश शर्मा इस सीट से जीत दर्ज कर संसद पहुंचे और मोदी सरकार में मंत्री भी बने। बीजेपी ने एक बार फिर उन्हें ही इस सीट से उतारा है। तो वहीं एसपी-बीएसपी गठबंधन की तरफ सत्यवीर सिंह और कांग्रेस से अरविंद कुमार सिंह मैदान में उतरे है।