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कांग्रेस नेता बीजेपी में शामिल 
कांग्रेस नेता बीजेपी में शामिल |Google
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कल तक जो एयर स्ट्राइक का सबूत मांगते थे, आज वे सबूत देने वाली पार्टी बन गए 

कांग्रेस नेता व संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के करीबी माने जाने वाले पार्टी प्रवक्ता टॉम वडक्कन गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।

AKANKSHA MISHRA

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लोकसभा चुनाव नजदीक है, तो पार्टियां में बगावत होगी ही। नेता इधर उधर भटकेंगे और इसी क्रम में बीजेपी ने कांग्रेस को बड़ी पटखनी दी है। सोनिया गांधी के करीबी माने जाने वाले पार्टी प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। टॉम वडक्कन ने कांग्रेस का हाथ छोड़ कर बीजेपी का कमल थाम लिया है। सूत्र बताते हैं कि टॉम वडक्कन पिछले 20 सालों से कांग्रेस में सक्रिय थे और बीजेपी की पोल खोलते रहे हैं।

टॉम वडक्कन के ट्विटर अकाउंट में कई ऐसे पोस्ट मिल जायेगें जो बताते हैं कि टॉम वडक्कन कट्टर कांग्रेसी हैं। 4 फ़रवरी 2019 के ट्वीट में टॉम ने बीजेपी पर तंज करते हुए लिखा था कि एक बार बीजेपी जॉइन कर लेने से, आपके सारे पाप, अपराध धुल जाते हैं और जो आज सही भी हो गया है।

बीजेपी में शामिल होते ही नेता जी के सुर-ताल बदल गए। कल तक जो प्रियंका गांधी को देशभक्त, और राहुल गांधी को भावी प्रधानमंत्री बता रहे थे। आज वहीं कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगा रहे हैं। अब वो पीएम मोदी को धन्यवाद दे रहे हैं। मसीहा बता रहे हैं। यही राजनीति है। राजनीति जो न करा दे। सुना था राजनीति में कोई किसी का सगा होता , आज देख भी लिया।

वडक्कन भाजपा में शामिल क्यों हुए

दरअसल वडक्कन ने बीजेपी में शामिल होने के बाद कहा, पाकिस्तान स्थित आतंकवादी शिविर पर हुए हमले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया दुखद थी । उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के भीतर स्थितियों को लेकर आहत थे जहां यह स्पष्ट नहीं था कि सत्ता के केंद्र में कौन है । उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान स्थित आतंकी अड्डे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया दुखद थी । उन्होंने जोर दिया कि उनका विकास को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच पर पूरा विश्वास है ।

उन्होंने कहा, "मैंने अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय कांग्रेस को दिया। लेकिन, वंशवाद की राजनीति पार्टी में अब चरम पर है..वहां आत्म सम्मानित लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है।"

बदल ली राह

चुनावी मौसम में हर चीज फायदे नुकसान के तराजू में तौली जाती है। वडक्कन ने अपने बयान में ये भी कहा कि राहुल गांधी अब इस्तेमाल करो और फेंकों की नीति अपना रहे हैं । इसका मतलब साफ़ हैं, वडक्कन को पता था कि कांग्रेस की स्थिति इस लोकसभा चुनाव में कुछ खास नहीं है, पार्टी से उन्हें कुछ मिलने वाला नहीं है और ऐसे में अगर वे बीजेपी का दामन थाम लें, तो शायद उनके डूबते राजनीतिक करियर को सहारा मिल जाये ।

आपको बता दें कि, वडक्कन केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए । उन्होंने बाद में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाकात की । भाजपा लोकसभा चुनाव में वडक्कन को केरल की किसी सीट से उम्मीदवार बना सकती है।