उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
ANI twitter 
ANI twitter |Election commission
टॉप न्यूज़

लोकसभा चुनाव 2019: दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में क्या-क्या है खास, जानकर चौक जाएंगे आप ?

लोकसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है। राजनीतिक दलों ने चुनावी शतरंज पर मोहरे बिछा दी है। अब बस चाल चलने की बारी है।

Anuj Kumar

Anuj Kumar

लोकतंत्र के इस महा पर्व में जनता का फैसला ही अंतिम होता है। इस बार का चुनाव कई मायनों में बेहद खास है। राजनीतिक पार्टियों के लिए भी और आम जनता के लिए भी। चुनाव आयोग ने 10 मार्च को चुनाव की तारीख का ऐलान किया। इसके साथ ही आयोग ने कुछ चौकाने वाले आंकड़े भी दिए जिसे सुनकर आप दंग रह जाएगे।

वोटरों की संख्या

भारत में इस बार 90 करोड़ मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। जबकि पिछले आम चुनाव में यानी 2014 के चुनाव में 81.5 करोड़ वोटर्स थे। इन वोटरों में से केवल 55 करोड़ वोटर्स ने ही वोट दिया था। जबकि चुनाव आयोग के मुताबिक 1951 में जब देश में पहली बार वोटिंग हुई थी उस वक्त 17.3 करोड़ ही मतदाता थे। वक्त और मुद्दों के साथ साथ देश में वोटरों की तादाद में भी बेहद उछाल आया है।

नए वोटरों की संख्या

2014 में जुड़े नए वोटरों से सबसे ज्यादा फायदा बीजेपी को हुआ। यही कारण है कि इस बार के चुनाव में राजनीतिक पार्टियों की प्रायोरिटी लिस्ट में सबसे पहले नए वोटरों अपने पाले में करना है। ये वोटर्स सोशल मीडिया के बादशाह हैं। आयोग के मुताबिक इस बार के चुनाव में 8.5 करोड़ नए वोटर्स होंगे। जो पहली बार अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। इनमें से भी 1.5 करोड़ ऐसे वोटर्स है जो 18 से 19 साल के हैं।

इसके साथ साथ 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने तीसरे जेंडर को भी मान्याता दी है। ऐसे में जरूरी है कि उनसे जुडे़ मुद्दे और उनकी संख्या पर भी राजनीतिक पार्टियों की नजर है। 2019 के चुनाव में 38,325 तीसरे जेंडर के वोटर्स है।

कितने ईवीएम लगेंगे

पिछले कुछ सालों में ईवीएम को लेकर भी कई सवाल उठते रहे है। इसे लेकर बकायदा लंदन में प्रेस कॉन्फ्रेस भी हुई थी। लेकिन अब सवाल उठता है कि 90 करोड़ वोटर्स के लिए कितने ईवीएम की आवश्यकता पड़ेगी। चुनाव आयोग के अनुसार इस चुनाव में 11 लाख ईवीएम का इस्तेमाल होगा। इसके साथ ही मतदान के लिए 10 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।

उम्मीदवार

फिलहाल सारी पार्टियों ने उम्मीदवार की लिस्ट जारी नहीं की है। लेकिन 2014 में हुए चुनाव में 3,626 राजनीतिक पार्टियों के 8,251 उम्मीदवार थे। इनमें से भी में केवल 1841 राजनीतिक पार्टियों को ही चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त थी।

ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि इस बार के चुनाव में कितनी राजनीतिक पार्टियां दांव आजमाती है। इनमें से कितनी राजनीतिक पार्टियों का नाम भी आप नहीं जानते होंगे।