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विंग कमांडर अभिनन्दन की वापसी के पीछे का सच
विंग कमांडर अभिनन्दन की वापसी के पीछे का सच|Google
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विंग कमांडर अभिनन्दन की वापसी के पीछे का सच, जिसने पाकिस्तान को झुकने पर किया मजबूर 

भारतीय पायलट अभिनंदन बर्धमान का स्वागत करने के लिए अटारी संयुक्त जांच चौकी पर आज भारी संख्या में लोग जुटे हैं। अभिनंदन को आज पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा रिहा किए जाने की संभावना है।

AKANKSHA MISHRA

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विंग कमांडर अभिनन्दन आज वाघा-अटारी बॉर्डर के रास्ते वतन वापसी कर रहे हैं। पुरे देश में उनके सकुशल वापसी के लिए दुआएँ मांगी जा रही है। अभिनन्दन ने एक सेकंड जनरेशन की फाइटर जेट MIG-21 से फोर्थ जनरेशन की फाइटर जेट F-16 को मार गिराया था और इसी क्रम में उनका विमान LOC पार कर POK में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। अभिनन्दन पैरासूट के जरिये नीचे तो उतर गए थे लेकिन वो जगह POK थी। जिसके बाद पाकिस्तानी आर्मी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और अब जिनेवा संधि के तहत अभिनन्दन भारत वापस लौट रहे हैं। लेकिन ये सब इतना आसान नहीं था। अभिनन्दन की वतन वापसी के पीछे भारत के कुशल कूटनीतिक कदम हैं। जब अभिनन्दन पाकिस्तानी सेना की गिरफ्त में थे, तब LOC में भले ही शांति थी, लेकिन भारत तब भी लड़ रहा था। लेकिन यह जंग कूटनीतिक थी।

अभिनन्दन को भारत वापस लाने के लिए, भारत ने सबसे पहले सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्य देशों को अपने पक्ष में खड़ा किया और यह साफ साफ बोल दिया कि पाकिस्तान को भारतीय पायलट हर हाल में रिहा करना होगा और इसमें किसी भी तरह कि शर्त और ना-नुकुर की कोई गुंजाइस नहीं होगी। भारत को हर हाल में अपना पायलट वापस चाहिए था। जिसके लिए 27 और 28 को पूरे दिन-रात प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय में चहल-पहल रही।

विंग कमांडर अभिनन्दन की वापसी के पीछे का सच
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भारत के पक्ष में खड़े देश

पुलवामा आतंकी हमले के बाद पूरी दुनिया आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में भारत के साथ खड़ी थी और जब जैश ने इस आतंकी हमले की जिम्मेवारी ले ली तो भारत के लिए और भी आसान हो गया। भारत ने दुनिया भर के देशों को बताया की भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम या ज्यादा करने का जिम्मा पाकिस्तान का है। अगर पाकिस्तान ने आतंकवादियों पर कार्यवाई नहीं की तो भारत, पाकिस्तान में घुस कर आतंकियों का सफाया करेगा। भारत की इस लड़ाई में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देश अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन एक पाले में आ गए।

भारत के इस सख्त रवैये को देखते हुए ज्यादातर देशों ने पाकिस्तानी सरकार को हालात से रूबरू कराया और कहा भारत, पाकिस्तान पर कार्यवाई करने को तैयार है। भारत की प्लानिंग है कि इंडियन नेवी कराची की तरफ बढे, इंडियन आर्मी पाकिस्तानी बॉर्डर पर हमला करेगी और भारतीय वायु सेना बैलिस्टिक मिसाइल लेकर हमला बोलने को तैयार है। भारत की प्लानिंग सुनकर पाकिस्तानी सरकार के होश उड़ गए। हालात को बेकाबू होता देख अमेरिका, रूस ने पाकिस्तान पर दबाव डालना शुरू कर दिया।

भारत ने दिया पुलवामा और F-16 का सबूत

पुलवामा हमले के बाद भारत ने दुनिया के सामने पाकिस्तान को बेनकाब करते हुए आतंकी संगठन जैश पर कार्यवाई की और आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक किया। लेकिन पाकिस्तान ने उल्टा भारत के रक्षा ठिकानों को निशाने बनाते हुए कार्यवाई की। पाकिस्तान के 24 एयरक्राफ्ट F-16 ने भारत के सैन्य स्थलों पर लेजर बम से हमला करने के कोशिश की। जिसका सामना भारत के सिर्फ 8 MIG-21 ने किया। पाकिस्तान ने भारत के दो मिग गिराने और दो भारतीय पायलट के कब्जे में होने का झूठा दावा पेश किया।

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रूस और अमेरिका ने खुल कर किया भारत का समर्थन

पुलवामा हमले के बाद से ही अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो और अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन और रूस के विदेश मंत्री सेर्गेय लावरोव ने भारत का साथ दिया था। उन्होंने न सिर्फ इस हमले की निंदा की साथ ही इस हमले के लिए पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश को फटकार लगाई। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने भारतीय के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से बातचीत की और भारत को पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया। अमेरिका ने ये भी कहा कि भारत को सीमा पार से जारी आतंकवाद से आत्मरक्षा का पूरा हक है, और अमेरिका इस प्रयास में भारत के साथ है।

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अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान

जिस तरह भारत ने अपनी रक्षा और पायलट की वापसी के लिए कूटनीतिक दांव पेंच चले उससे पाकिस्तान खुद को अलग-थलग महसूस करने लगा। सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्यों में से पाकिस्तान को चीन से बड़ी आस थी। लेकिन इस घड़ी में चीन भी पाकिस्तान से कन्नी काटता नज़र आया। सभी देशों ने पाकिस्तान में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भारत की प्रशंसा की। यहां तक की संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने भी पाकिस्तान को आईना दिखा दिया और भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को अंतर्राष्ट्रीय इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन की बैठक में बतौर चीफ गेस्ट बुलाया। पाकिस्तान के पास अब कोई चारा नहीं बचा था। आख़िरकार पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई का एलान कर दिया। वो भी बिना शर्त। लेकिन क्या अभिनन्दन की वापसी के बाद पाकिस्तान अपनी धरती को आतंकवाद मुक्त कर पायेगा ? या भारत को पाकिस्तान पर दोबारा कार्रवाई करनी होगी।