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सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी|Twitter
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सऊदी अरब और भारत के बीच हुए 5 समझौते, आतंकवाद से इंफ्रास्ट्रक्चर तक पर बनी बात

पाकिस्तान को 20 बिलियन डॉलर की मदद दे कर भारत आए सऊदी अरब के प्रिन्स ने कहा- आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों पर दबाव बढ़ाने की जरूरत है। 

AKANKSHA MISHRA

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नई दिल्ली: सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद आज दो दिनों की भारत यात्रा पर हैं। इससे पहले वे पाकिस्तान दौरे पर थे, जहां उन्होंने 20 बिलियन डॉलर के निवेश को मंजूरी दी थी। भारत के साथ पहली द्विपक्षीय यात्रा पर आए सऊदी अरब के राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान के स्वागत के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर प्रोटोकॉल से अलग हटकर उनकी अगुवाई की।

जिसके बाद सऊदी अरब के युवराज का राष्ट्रपति भवन में परम्परागत ढंग से स्वागत हुआ। चूकी पुलवामा हमले के बाद पूरी दुनिया में आतंकवाद की बात हो रही है इसलिए इसलिए इस यात्रा के दौरान पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड आतंकवाद का मसला भी एक प्रमुख मुद्दा बना रहा। दोनों देशों की साझा प्रेस कांफ्रेंस में आंतकवाद के खिलाफ लड़ाई की बात दोनों देशों के प्रमुखों ने कही।

मोहम्मद बिन सलमान और पीएम मोदी के संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें

  • भारत सऊदी अरब का साझा बयान, दोनों देशों में हुए 5 समझौते।
  • भारत में उनके पहले दौरे पर युवराज और उनके प्रतिनिधि मंडल का स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है.- पीएम मोदी
  • भारत और सऊदी अरब के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सम्बन्ध सदियों पुराने हैं। और यह सदैव सौहार्द्रपूर्ण और मैत्रीपूर्ण रहे हैं। हमारे लोगों के बीच के घनिष्ठ और निकट संपर्क हमारे देशों के लिए एक सजीव सेतु यानि living bridge है: पीएम मोदी
  • पिछले हफ्ते पुलवामा में हुआ बर्बर आतंकवादी हमला, इस मानवता विरोधी खतरे से दुनिया पर छाए कहर की एक और क्रूर निशानी है। इस खतरे से प्रभावशाली ढंग से निपटने के लिए हम इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद को किसी भी प्रकार का समर्थन दे रहे देशों पर सभी संभव दबाव बढ़ाने की आवश्यकता है:पीएम मोदी
  • आतंकवाद का इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट करना और इसको समर्थन समाप्त करना और आतंकवादियों और उनके समर्थकों को सजा दिलाना बहुत जरूरी है: पीएम मोदी
  • साथ ही अतिवाद के खिलाफ सहयोग और इसके लिए एक मज़बूत कार्ययोजना की भी ज़रूरत है, ताकि हिंसा और आतंक की ताकतें हमारे युवाओं को गुमराह न कर सकें। मुझे खुशी है कि सऊदी अरब और भारत इस बारे में साझा विचार रखते हैं: पीएम मोदी
  • पश्चिम एशिया और खाड़ी में शांति और स्थिरता सुनिचित करने में हमारे दोनों देशों के साझा हित हैं। आज हमारी बातचीत में, इस क्षेत्र में हमारे कार्यों में तालमेल लाने और हमारी भागीदारी को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति हुई है: पीएम मोदी
  • हम इस बात पर भी सहमत हुए हैं कि counter terrorism, समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में और मजबूत द्विपक्षीय सहयोग दोनों देशों के लिए लाभप्रद रहेंगे: पीएम मोदी
  • आतंकवाद के खिलाफ हम भारत के साथ खुफिया जानकारी बांटने समेत हर कदम पर सहयोग करेंगे : सऊदी युवराज

आपको बात दें कि, राष्ट्रपति भवन में स्वागत समारोह के दौरान सऊदी अरब के युवराज मीडिया से बात करते हुए कहा, "आज हम रिश्तों को बरकरार रखना चाहते हैं, और दोनों देशों के भले के लिए उन्हें बेहतर करना चाहते हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम सऊदी अरब और भारत के लिए अच्छे काम कर सकते हैं।"

उन्होंने कहा कि भारत और सऊदी प्रायद्वीप का रिश्ता हमारे डीएनए में बसा है । सऊदी अरब के शहजादे ने कहा कि भारत के लोग हमारे मित्र हैं और पिछले 70 वर्षो से सऊदी अरब को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं । दो दिवसीय इस यात्रा के दौरान इस बात पर ध्यान होगा कि सऊदी :अरब: भारत के लिये किस प्रकार से काम कर सकता है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि दोनों देशों की खातिर हम इस संबंध को किस प्रकार बनाये रखेंगे और बेहतर बनायेंगे ।

ज्ञात रहे, भारत और सऊदी अरब का द्विपक्षीय कारोबार साल 2017..18 में 27.48 अरब डालर का रहा है। सऊदी अरब, भारत का चौथा सबसे बड़ा कारोबारी सहयोगी है। सऊदी अरब ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के लिये एक महत्वपूर्ण स्रोत है जो कच्चे तेल के संबंध में 17 प्रतिशत जरूरतों की आपूर्ति करता है। दोनों देश खाद्य सुरक्षा, आधारभूत ढांचा, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्वरक जैसे क्षेत्रों में संयुक्त गठजोड़ बढ़ाने को इच्छुक हैं।