उदय बुलेटिन
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कोबरापोस्ट का दावा, DHFL ने किया 31,000 करोड़ का घोटाला
कोबरापोस्ट का दावा, DHFL ने किया 31,000 करोड़ का घोटाला|Google
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कोबरापोस्ट का दावा, DHFL ने किया 31,000 करोड़ का घोटाला, अवैध तरीके से BJP को दिए 20 करोड़, Video

खोजी पत्रकारिता करने वाली न्यूज़ वेबसाइट Cobrapost ने दावा किया है कि DHFL ने दर्जनों भर शेल कंपनियों को करोड़ों रूपये लोन देने के नाम पर 31 हज़ार करोड़ से ज्यादा रकम कि धोखाधड़ी की है। 

AKANKSHA MISHRA

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खोजी पत्रकारिता करने वाली न्यूज़ वेबसाइट कोबरापोस्ट ने हाउसिंग लोन देने वाली कंपनी DHFL के खिलाफ सनसनीखेज खुलासा किया है। जिसके बाद DHFL के शेयर अपने न्यूनतम स्तर पर आ गए हैं और कंपनी को आगे आकर अपनी सफाई देनी पड़ रही है। दरअसल कोबरापोस्ट ने अपने स्टिंग ऑपरेशन के बाद दावा किया है कि DHFL कंपनी ने 31 हजार करोड़ रूपये का घोटाला किया है।

कोबरापोस्ट ने अपने स्टिंग ऑपरेशन के बाद दावा किया है कि DHFL ने दर्जनों भर शेल कंपनियों को करोड़ो रूपये का लोन दिया है जो वापस उन्हीं की कंपनी में आ गया क्यों कि इन शेल कंपनियों के मालिक DHFL के प्रमोटर है। इस तरिके से DHFL ने 31 हजार करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी की है। अगर यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला माना जायेगा।

कोबरापोस्ट ने ये जानकारी सरकारी वेबसाइट और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचना के आधार पर जुटाई है और इस घोटाले का पर्दाफास किया है। कोबरापोस्ट की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि DHFL से जुड़ी कंपनियां- जैसे आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स, स्किल रियल्टर्स और दर्शन डेवलपर्स- शेल कंपनियां हैं और इन्होंने कंपनियों के पैसों की धोखाधड़ी की है।

कोबरापोस्ट को जांच के बाद ये भी पता चला कि 2014 से 2017 के बीच इन तीनों कंपनियों ने बीजेपी को 20 करोड़ रूपये से अधिक का चंदा अवैध तरीके से दिया है। साथ ही गुजरात के विधानसभा चुनाव में भी इन कंपनियों ने राज्य की कई अन्य कंपनियों को 1160 करोड़ रुपए का कर्ज बांटा था।

कोबरापोस्ट ने अपने स्टिंग ऑपरेशन में यह भी दावा किया है कि बीजेपी द्वारा भारतीय चुनाव आयोग को दिए गए दस्तावेजों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2014-17 के दौरान आरकेडब्ल्यू, दर्शन और स्किल रियल्टर्स ने भाजपा को लगभग 20 करोड़ रुपये का दान दिया था, जो कि कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 182 का उल्लंघन है। धारा 182 कंपनियों द्वारा राजनीतिक योगदान पर प्रतिबंधों से संबंधित है। इसमें कहा गया है कि एक कंपनी तीन पूर्ववर्ती वित्तीय वर्षों के दौरान अर्जित औसत शुद्ध लाभ का 7.5 प्रतिशत तक ही चंदा राजनीतिक दलों को दे सकती है।

कोबरापोस्ट के आरोप के बाद लुढ़क गए DHFL के शेयर

दिवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्प (डीएचएफएल) के शेयरों में बुधवार को 10 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके एक दिन पहले ही समाचार वेबसाइट कोबरापोस्ट ने दावा किया था कि डीएचएफएल के प्राथमिक प्रमोटर्स ने 31,000 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला किया है। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज पर दोपहर बाद के सत्र में डीएचएफएल के शेयर में 7.50 फीसदी या 4.41 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि इंट्राडे ट्रेडिंग में कंपनी के शेयरों में 10 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी और यह 153.50 रुपये प्रति शेयर पर कारोबर कर रहा था। इसके बाद कंपनी के शेयर सोमवार को आठ फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए थे।

DHFL के किया आरोपों का खंडन

डीएचएफएल ने मंगलवार को कोबरापोस्ट के आरोपों का खंडन किया था और उन्हें "गलत इरादे के साथ कंपनी के खिलाफ दुष्प्रचार करार दिया था।" डीएचएफएल ने कहा कि पिछले तीन महीनों में उसने अपने ऋणदाताओं की सभी देनदारियां चुकता की हैं, जोकि 17,000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम है।