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कर्नाटक सरकार: कुमारस्वामी सरकार को लगा बड़ा झटका, 2 निर्दलीय विधायकों ने अपना समर्थन वापस लिया 

कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ही पार्टियां कुछ समय से एक-दूसरे पर खरीद-फरोख्त का आरोप लगा रही हैं. ऐसे में विधायकों का सरकार से समर्थन वापस लेना एक बड़े सियासी समीकरण की ओर इशारा करता है 

Suraj Jawar

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कर्नाटक की एचडी कुमारस्वामी सरकार को बड़ा झटका लगा है. 2 निर्दलीय विधायकों एच नागेश और आर शंकर ने कर्नाटक सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है.

निर्दलीय विधायक आर शंकर ने कहा कि आज मकर संक्रांति है. इस दिन हम सरकार में एक बदलाव चाहते हैं. सरकार को कुशल होना चाहिए इसलिए मैं आज कर्नाटक सरकार से अपना समर्थन वापस लेता हूं.

निर्दलीय विधायक एच नागेश ने कहा कि मैंने कर्नाटक सरकार को केवल इसलिए समर्थन दिया था जिससे एक अच्छी और स्थिर सरकार बने लेकिन यह सरकार फेल रही है. इसके गठबंधन में सहयोगियों के बीच कोई तालमेल नहीं है. इसलिए मैंने बीजेपी के साथ जाने का फैसला किया, जिससे स्थिर सरकार बने.

कर्नाटक के डिप्टी सीएम सी परमेश्वरा ने 2 निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने के मुद्दे पर बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'हम कह रहे थे कि बीजेपी हमारे विधायकों को पैसे और पावर से लुभाने की कोशिश कर रही है लेकिन सरकार को अस्थिर करने के उनके प्रयास विफल हो जाएंगे. हमारी सरकार स्थिर है.

कर्नाटक का सियासी हंगामा लगातार जारी है. बेंगलुरू की राजनीतिक उठापटक अब दिल्ली तक पहुंच गई है. दरअसल बीजेपी ने पहले तो अपने 100 विधायकों को दिल्ली बुलाया. फिर दिल्ली के पास गुड़गांव में एक रिसॉर्ट में भेज दिया. बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा और बाकी कर्नाटक बीजेपी विधायकों की एक तस्वीर भी सामने आई है. यह तस्वीर गुरुग्राम के एक होटल की है.

गौरतलब है कि बीजेपी ने आरोप लगाया था कि राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा था, 'जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) बीजेपी विधायकों को तोड़ना चाहता है. हम एकजुट हैं. हम एक-दो दिन दिल्ली में रहेंगे.

वहीं कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार का कहना है कि सरकार स्थिर है. यह पूरे पांच साल सीएम एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व में चलेगी. कांग्रेस नेता जमीर अहमद ने भी इस मसले पर बयान दिया. उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी के 4-5 विधायक मुंबई में हैं. हम चुप नहीं बैठेंगे अगर अवैध तरीके से कोई भी काम किया गया. उन्होंने कहा, 'हम बीजेपी के कुछ विधायकों के संपर्क में हैं. हमने हमारे 2-3 विधायकों से बात की थी, वहीं बाकी विधायकों के फोन बंद हैं. मैं सभी को सुनिश्चित कर सकता हूं कि हमें कोई छोड़कर नहीं जाएगा.'

क्या है पूरा मामला

कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ही पार्टियां एक-दूसरे पर खरीद-फरोख्त का आरोप लगा रही हैं. कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी कर्नाटक में विधायकों की खरीद फरोख्त करके वैकल्पिक सरकार बनाने की कोशिश में जुटी है. इस पर पलटवार करते हुए बीजेपी ने कहा था, 'हम एक वैकल्पिक सरकार बनाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं.'

कांग्रेस ने कहा है कि लापता विधायकों का एक समूह इस बात का सबूत है कि बीजेपी ने 'ऑपरेशन लोटस' लॉन्च किया है. यह शब्द पहली बार 2008 में इस्तेमाल किया गया था, जब बीजेपी पर कई विपक्षी विधायकों को उकसाने का आरोप लगाया गया था. ताकि येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली अपनी सरकार की स्थिरता सुनिश्चित की जा सके.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में, जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन में 118 विधायक हैं, जो बहुमत के 113 के आंकड़े से अधिक है. बीजेपी के पास 104 विधायक हैं और यह आवश्यक संख्या से बहुत कम है.

लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी कोशिश कर रही है, यही कारण है कि उसके पांच विधायक गायब हो गए हैं. कुमारस्वामी का दावा है कि वे मुंबई के एक होटल में हैं और उनके संपर्क में हैं. मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, 'वे सभी (कांग्रेस विधायक) मुझसे लगातार संपर्क में हैं. वे मुझे सूचित करने के बाद मुंबई चले गए. मेरी सरकार किसी भी खतरे में नहीं है.'

कुमारस्वामी ने कहा 'मुझे पता है कि बीजेपी किससे संपर्क करने की कोशिश कर रही है और वे क्या पेशकश कर रहे हैं. मैं इसे संभाल सकता हूं.' कांग्रेस पार्टी के नेता और राज्य के डिप्टी गवर्नर जी परमेस्वर ने कहा, 'हमारे कुछ विधायक चले गए हैं, वे मंदिर, छुट्टी, परिवार के कार्यक्रमों के लिए जा सकते हैं, हम नहीं जानते. हमारे सभी विधायक बरकरार हैं.'