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 सबरीमाला मंदिर (Sabrimala Temple)
सबरीमाला मंदिर (Sabrimala Temple)|Google
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सबरीमाला मंदिर में देर रात पूजा करने पहुंची दो महिलाएं, Video देखें ..

केरल की दो महिलाओं ने बुधवार को सबरीमाला मंदिर में प्रार्थना व दर्शन करने का दावा किया है।

AKANKSHA MISHRA

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सबरीमाला: केरल के सबरीमाला मंदिर में बीते रात सबरीमाला मंदिर (Sabrimala Temple) का सैकड़ो साल पुराना इतिहास टूट गया है। केरल की दो महिलाओं ने बुधवार को सबरीमाला मंदिर में प्रार्थना व दर्शन करने का दावा किया है। सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 वर्ष उम्र के बीच की महिलाओं की एंट्री इतिहास में पहली बार हुई है। बता दें कि 10 से 50 साल के उम्र की महिलाओं की एंट्री पर सबरीमाला मंदिर की ओर से बैन है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया था। लेकिन आदेश के बावजूद मंदिर ने यह बैन बरकरार रखा। कुछ संगठनों द्वारा न्यायालय के इस फैसले का विरोध किया जा रहा है। हालांकि, बुधवार को पुलिस सूत्रों ने कहा कि 50 साल से कम उम्र की दो महिलाओं ने मंदिर में एंट्री ली है।

केरल पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करीब 40 साल की उम्र की दो महिलाये बिन्दु और कनकदुर्गा ने आज सुबह मंदिर में प्रवेश किया। महिलाओं ने करीब आधी रात में मंदिर की ओर चढ़ाई शुरू की और करीब 3.45 बजे मंदिर पहुंच गईं। भगवान अय्यपा के दर्शन करने के बाद वे दोनों लौट गईं। पुलिस से बताया की बताया जा रहा है कि बिन्दु और कनकदुर्गा के साथ महिलाएं पुलिस की टुकड़ी भी थीं। पुलिसकर्मी वर्दी और सादे ड्रेस में थे।

केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, "हां, यह सच है, महिलाओं ने मंदिर में दर्शन किए हैं।"हमने पुलिस को मंदिर में प्रवेश करने की इच्छा रखने वाली किसी भी महिला को हर संभव सुरक्षा प्रदान करने के लिए स्थायी आदेश जारी किए थे।

महिलाओं के प्रवेश पर अय्यप्पा धर्म सेना के नेता और कार्यकर्ता राहुल ईश्वर ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह सही है। उन्होंने गुत्प तरीके से किया होगा, जैसे ही हमें पता चलेगा, हम उचित कार्रवाई करेंगे।

बंद हुआ मंदिर का द्वार

40 वर्ष उम्र की में दो महिला भक्त बिन्दु और कनकदुर्गा के आज तड़के मंदिर में प्रवेश के बाद , मंदिर का कपाट बंद कर दिया गया है। शुद्धि अनुष्ठान के लिए केरल का सबरीमाला मंदिर बंद आज बंद रहेगा।

आपको बता दें कि 28 सितंबर, 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर की सैकड़ो साल पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दे दी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि हर उम्र वर्ग की महिलाएं अब मंदिर में प्रवेश कर सकेंगी।