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वंदे मातरम पर दिए गए कांग्रेस के फैसले को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बताया देशद्रोह 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के हर महीने की पहली तारीख को राज्य सचिवालय में वंदे मातरम नहीं गाने के फरमान पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पलटवार किया है. 

Suraj Jawar

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के हर महीने की पहली तारीख को राज्य सचिवालय में वंदे मातरम नहीं गाने के फरमान पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पलटवार किया है. बीजेपी अध्यक्ष ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए इस कदम को दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बताया है.

हिंदुस्तान के हृदय ‘मध्यप्रदेश’ को तुष्टिकरण का केंद्र बनाती कांग्रेस सरकार मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा...

Posted by Amit Shah on Wednesday, January 2, 2019

उन्होंने 'हिंदुस्तान के हृदय मध्यप्रदेश को तुष्टिकरण का केंद्र बनाती कांग्रेस सरकार' शीर्षक के तहत अपने विचार साझा किए. इसमें शाह ने लिखा, 'वंदे मातरम मात्र एक गीत भर नहीं होकर यह भारत की स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक एवं प्रत्येक भारतीय का प्रेरणाबिंदु है.'

देशद्रोही कांग्रेस का जनता के साथ विश्वासघात

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, 'वंदे मातरम पर प्रतिबंध लगाकर कांग्रेस ने न सिर्फ देश की स्वाधीनता के लिए वंदे मातरम का जय घोष गाकर अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले वीर बलिदानियों का अपमान किया है. बल्कि यह मध्य प्रदेश की जनता के साथ भी विश्वासघात है.'

अमित शाह ने कमलनाथ के इस कदम को देशद्रोह करार देते हुए लिखा, 'किसी भी प्रकार की राजनीतिक सोच में देश के बलिदानियों का अपमान करना मेरे जैसे एक आम भारतीय की द्रष्टि में देशद्रोह के समान है.'

उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टीकरण करने का आरोप लगाते हुए अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा, 'वंदे मातरम किसी एक वर्ग विशेष का नहीं है. बल्कि भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण आहूत करने वाले लाखों सेनानियों के त्याग का प्रतीक हैं और केवल एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए इसका अपमान करना बहुत ही दुख:द, शर्मनाक एवं देश की स्वतंत्रता का अपमान भी है.'

राहुल गांधी स्पष्ट करें अपना पक्ष

बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस पार्टी में उनके समकक्ष राहुल गांधी से इस पर सफाई देने के लिए कहा. उन्होंने कहा, 'मैं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि ‘वंदे मातरम’ का यह अपमान क्या उनका निर्णय है? कांग्रेस सरकार के इस दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय पर राहुल गांधी को देश की जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए.'