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बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह |Google
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर अलग हैं बीजेपी नेताओं की राय ? 

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, बीजेपी नेता उमा भारती, बीजेपी सांसद राकेश सिन्हा सहित बीजेपी के कई नेताओं की राय अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर अलग अलग है। 

AKANKSHA MISHRA

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भोपाल | अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच माहौल एक बार फिर गर्माया हुआ है। अयोध्या में शिवसेना के प्रदर्शन के बाद राजनीतिक दलों के बीच राम मंदिर निर्माण को लेकर खिंचतान की स्थति बानी हुए है। केंद्रीय मंत्री और अयोध्या आंदोलन के अगुआ में गिनी जाने वाली उमा भारती ने कहा है कि अब राम मंदिर का निर्माण न करने का कोई बहाना नहीं चलने वाला। उमा भारती ने की उद्धव ठाकरे की तारीफ करते हुए , बोलीं "राम मंदिर पर भाजपा का पेटेंट नहीं, भगवान राम सबके हैं , सभी को मंदिर बनाने में सहयोग करना चाहिए।

मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए आई उमा भारती ने कहा, "मोहन भागवत हमारे परिवार के मुखिया हैं, हम सब उनकी बातों का अनुसरण करते हैं, लेकिन यह सत्य है कि उत्तर प्रदेश में योगी जी की सरकार है और केंद्र में मोदी जी की सरकार है, अब राम मंदिर नहीं बनाने के लिए हमारे पास कोई बहाना नहीं है।"

वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा "राम मंदिर निर्माण को लेकर हमारी सरकार शीतकालीन सत्र में कोई अध्यादेश या बिल नहीं लाएगी। वो आगे कहते हैं, ‘यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और हमें इसकी सुनवाई के लिए जनवरी तक इंतजार करना चाहिए। हालांकि राम मंदिर का निर्माण करना पार्टी की प्रतिबद्धता है”।

अमित शाह ने कहा कि बीजेपी आगे सुनवाई का इंतज़ार करेगी, जो 22 जनवरी को होनी है। उन्होंने यह भी कहा, ‘ये अदालत का मामला है, हमारे हाथ में कुछ नहीं है। हमारे हाथ में होता तो मंदिर पहले ही बन गया होता।’

बीजेपी के राज्यसभा सांसद और आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा शीतकालीन सत्र में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर निजी अध्यादेश लाना चाहते हैं। उन्होंने ट्विटर पर विपक्षी दलों से पूछा था कि 'अगर वह संसद में अयोध्या में राम मंदिर के लिए निजी विधेयक लाएं तो क्या वे उसका समर्थन करेंगे'?

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने राम मंदिर निर्माण मामले में कहा कि धैर्य का समय अब खत्म हुआ और अगर उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मामला उच्चतम न्यायालय की प्राथमिकता में नहीं है तो मंदिर निर्माण कार्य के लिए कानून लाना चाहिए।

बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने राम मंदिर निर्माण मुद्दे पर बीजेपी पर हमला साधते हुए कहा कि "सरकार ने मंदिर निर्माण का वादा किया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया", अयोध्या में लगे शिवसेना के पोस्टर बैनर में कहा गया है, ‘पहले मंदिर फिर सरकार।’