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राकेश अस्थाना, आलोक वर्मा, एम नागेश्वर राव
राकेश अस्थाना, आलोक वर्मा, एम नागेश्वर राव|daily hunt
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सरकार करती है सीबीआई के कामकाज में हस्तक्षेप, निदेशक आलोक वर्मा के बयान से इशारा 

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा रातोंरात CVC और DoPT ने तीन आदेश जारी किये , यह फैसला गैरकानूनी हैं , इसे रद्द किया जाये। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

नई दिल्ली : सीबीआई डायरेक्टर अलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा उन्हें गैरकानूनी तरीके से हटाए जाने के खिलाफ याचिका दायर की है , जिसमे उन्होंने इशारा किया है की कैसे केंद्र सरकार सीबीआई के कामकाज में हस्तक्षेप करती है। 23 अक्टूबर को रातोंरात अलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटा दिया गया। केंद्रीय सतर्कता आयोग (Central Vigilance Commission) और कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (Department of Personnel & Training) ने तीन आदेश जारी किये थे, जो केंद्र द्वारा गैरकानूनी और मनमाना फैसला है, इसे रद्द किया जाना चाहिए।

सीबीआई निदेशक द्वारा लिखित याचिका में शामिल महत्वपूर्ण तथ्य :

- सीबीआई स्वतंत्र एजेंसी है और उम्मीद की जाती है कि वह स्वतंत्र और स्वायत्त रूप में काम करें , लेकिन जब उच्च पदों पर बैठे लोगों से सम्बंधित जांच की दिशा सरकार की मर्जी से चले तो क्या किया जा सकता है। हालिया दिनों में ऐसे कई केस आये हैं जिसमें जांच अधिकारी से लेकर ज्वाइंट डायरेक्टर तक खाश कदम तक बढ़ते हैं , लेकिन स्पेशल डायरेक्टर की राय अलग थी।

- CVC और केंद्र सरकार ने मुझे रातोंरात सीबीआई डायरेक्टर के रोल से हटाने का फैसला लिया और नये व्यक्ति की नियुक्ति का फैसला ले लिया जो की गैरकानूनी है , इसे रद्द किया जाये।

- DSPE एक्ट के सेक्शन 4 -B कानून के तहत सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति प्रधानमंत्री, नेता विपक्ष और चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया द्वारा सयुंक्त निर्णय से होता है साथ ही सेक्शन 4 -B में सीबीआई के डायरेक्टर के ट्रांसफर के लिए भी इस कमेटी को निर्णय लेने होता है , सरकार द्वारा लिया फैसला असंवैधानिक है।

- सरकार के द्वारा उठाया गया कदम DSPE एक्ट सेक्शन 4 - बी के खिलाफ है , सीबीआई डायरेक्टर की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने के लिए दो साल तक का वक्त निर्धारित करता है।

- मुझे सीबीआई के अधिकारियों पर पूरा भरोसा है , सरकार द्वारा उठाया गया यह गैरकानूनी कदम सीबीआई अधिकारीयों का मनोबल तोड़ता है।

- सीबीआई डायरेक्टर ने कहा सुप्रीम कोर्ट ने भी सीबीआई को सरकार के प्रभावों से मुक्त करने की बात कही है , सरकार द्वारा लिया गया यह कदम साफ़ दर्शाता है कि सीबीआई को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (Department of Personnel & Training) से स्वतंत्र करने की जरुरत है।