एससी-एसटी एक्ट ने युवक की ली जान, इस कानून को हथियार की तरह प्रयोग किया जाता है।

जब किसी व्यक्ति को समाज मे लागू होने वाले नियम-कानून खतरा लगने लगे और वह मौत को कुबूलना बेहतर समझे तब हमें अपने संविधान और नियमों पर दोबारा नजर डालनी चाहिए।
एससी-एसटी एक्ट ने युवक की ली जान, इस कानून को हथियार की तरह प्रयोग किया जाता है।
Misuse of SC-ST ActUday Bulletin

बांदा जिले में हुई एक घटना ने लोगों को दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर ये कानून किसी की रक्षा के लिए है अथवा जान लेने के लिए है।

बहन से राखी बंधवाई और बाद में फांसी का फंदा:

मामला बांदा जिले के तिंदवारी कस्बे का है जहां पर लगभग 19 वर्षीय युवक राहुल यादव ने रक्षा बंधन के दिन अपनी छोटी बहन से राखी बंधवाकर घर के पीछे लगे हुए पेड़ से लटक कर खुद को फांसी लगा ली। मामले की जानकारी होने पर स्थानीय लोगों द्वारा शव को पेड़ से उतारा गया तब तक राहुल की मौत हो चुकी थी। परिजन इस आत्महत्या से न सिर्फ छुब्ध है बल्कि इसे आत्महत्या न कहकर प्रायोजित हत्या करार दे रहे हैं।

पास्को, एससी एक्ट से जुड़ा है मामला:

मामले को तह से समझने के लिए हमें कुछ समय पहले जाना होगा जहां से इस मामले की शुरुआत हुई। दरअसल 1 सितंबर 2019 को राहुल के खिलाफ सात वर्षीय बालिका के उत्पीड़न (छेड़छाड़, गंदे इशारे करने ) इत्यादि के मामले में पास्को, हरिजन एक्ट (एससी एसटी एक्ट) और धारा 354 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था जिसमें राहुल पर कोर्ट का ट्रायल चल रहा था ओर कोरोना महामारी के चलते उसे पेरोल पर घर भेजा गया था।

लड़की पक्ष से मांगे जा रहे थे पैसे:

मामले में मृतक राहुल के पिता विजय पाल यादव और भाई धीरज यादव ने मुकदमा दर्ज कराने वाले पक्ष पर गंभीर आरोप लगाया लगाए हैं। मृतक के भाई ने बताया कि पक्ष द्वारा लगातार पांच लाख रुपये देने और दो बीघे जमीन देकर राजीनामा करने की बात कर रहा था। बीते कुछ दिनों पहले ही बालिका के मामा ने घर आकर धमकी दी थी कि अगर जमीन और पैसा जल्द नहीं दिलाया तो आपका लड़का जेल में ही सड़ जाएगा।कितने मुकदमे लड़ोगे, एक तो पास्को एक्ट में नहीं बचोगे और अगर बच गए तो हरिजन एक्ट के कोई तोड़ नहीं है।

मृतक के भाई ने उदय बुलेटिन को बताया कि राहुल पैसों के इंतजाम को लेकर बेहद परेशान रहता था साथ ही बिना किसी अपराध के जेल जाने की सोचकर भी रोता रहता था। हालाँकि मृतक के भाई धीरज ने इस बाबत बताया कि हमारे द्वारा पैसे जुटाए जा रहे थे।

बहन से कहा वह निर्दोष है:

राखी वाले दिन मृतक राहुल ने अपनी बहन रानी से राखी बंधवाने के बाद कहा कि वह निर्दोष है और उसे जबरन मुकदमे में फंसा कर उसका जीवन बर्बाद किया गया है साथ ही उसके परिवार को भी बर्बाद किया जा रहा है और इतना कहते हुए राहुल घर से बाहर निकला और फांसी लगा ली।

वहीं मुहल्ले के लोगों के अनुसार राहुल बेहद शांत प्रवत्ति का लड़का था उसका चरित्र न केवल साफ था बल्कि सभी लोगों के प्रति बेहद नरम था। उन्हें उम्मीद भी नहीं थी कि कोई उसपर इतने गंभीर मुकदमे लगा सकता है।

मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर नीरज कुमार सिंह ने मामले की तह तक जाने और सच्चाई सामने लाने की बात कही है लेकिन अगर राहुल जांच में निर्दोष भी साबित होता है तो क्या कानूनों का दुरुपयोग उसे वापस ला सकता है ?

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