जब तक देश में राम की पूजा होगी तब तक बलात्कार होते रहेंगे: निहारिका सिंह

भगवान राम का अपमान करने वाली निहारिका सिंह उर्फ़ मीशा ठाकुर नाम की एक लड़की ने खुद को सोशल मीडिया पर आयुष मंत्रालय की मीडिया सलाहकार बताया है
जब तक देश में राम की पूजा होगी तब तक बलात्कार होते रहेंगे: निहारिका सिंह
भगवान राम का अपमान करने वाली निहारिका सिंह उर्फ़ मीशा ठाकुरSocial Media

अब इसे अभिव्यक्ति की आजादी का दुरुपयोग करार दिया जाए या फिर सनातन धर्म पर गंदे कटाक्ष करने का चलन, लेकिन इन दोनों में कोई न कोई चीज तो है जिसके बदौलत कभी राम को बलात्कार का कारक माना जाता है तो कभी देवी दुर्गा पर अश्लील टिप्पणी की जाती है। अबकी बार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के पर विवादित बयान आयुष मंत्रालय में तथाकथित कार्यरत मीडिया सलाहकार ने दिया है, जिसको लेकर हो हल्ला मच रहा है।

क्या है विवाद की जड़?

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब निहारिका सिंह उर्फ मीशा ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक विवादित पोस्ट की, पोस्ट ऐसे वक्त पर की गई जब पूरा विश्व राम के अयोध्या आगमन की प्रसन्नता में दिवाली का त्योहार मना रहा है। ऐसे नाजुक वक्त पर श्री राम पर भद्दी टिप्पणी करके इसे सस्ती लोकप्रियता पाने का सहज साधन या हज़ारों करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था पर चोट करके खुशी प्राप्त करना मान लिया जाए।

दरअसल निहारिका सिंह उर्फ मीशा ठाकुर जो खुद को भारत के आयुष मंत्रालय में मीडिया सलाहकार के रूप में बताती है उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की जिसमें उन्होंने अपने दुर्भावों को कुछ इस तरह पेश किया।

दीपावली ऐसा त्योहार है जो महिलाओं को यह स्मरण कराता है कि सीता को राम से तभी तलाक ले लेना चाहिए जब राम ने सीता को अग्नि परीक्षा के माध्यम से अपनी पवित्रता को साबित करने के लिए कहा, यह किसी भी प्रकार से ठीक नही है कि कोई पुरुष अपनी पत्नी से शुद्ध होने की पुष्टि के लिए आग में जलने के लिए कहे।

यह सेक्स और नैतिकता से जुड़ा हुआ नहीं है, अगर है भी तो दोनो पक्षों की आवश्यकता है कि वह एक दूसरे से सवाल करें कि वो एक दूसरे के क्या प्रश्न पूंछ रहे है ?

राम एक डरपोक व्यक्ति था, पितृसत्तावादी और महिलाओं से घृणा करने वाला व्यक्ति था, सीता ने अपने अधिकारों की लड़ाई नहीं लड़ी और राम की शर्तों को लगातार मानती चली गयी, इस कथानक को लिखने वाला भी एक पुरुष था।

ऐसे देवी अथवा देवता को नकार देना चाहिए न कि इसे सेलिब्रेट किया जाना चाहिए।

हैप्पी दिवाली पीरियड।

अब असली पोस्ट का नजारा लीजिये:

आखिर क्या कहता है निहारिका का ज्ञान?

एक कहावत है अधूरा ज्ञान बेहद खतरनाक होता है, क्योंकि कभी कभार यह इतना विषाक्त हो जाता है कि इससे जान भी जा सकती है, ताजा उदाहरण ले लीजिए मार्च 2020, ईरान में लोगों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की हिदायतों को सुना कि एल्कोहल युक्त सेनेटाइजर से कोरोना वायरस को मारा जा सकता है, लोगों ने इसे अलग तरीके से लिया और बेहद जहरीले मेथेनॉल को कोरोना किलर मानकर शराब की तरह पी लिया और अधूरे ज्ञान की वजह से करीब 300 लोग बिना कोरोना से भी मौत के मुँह में समा गए।

खैर ये तो अलग खबर थी जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर किया कि एल्कोहल भी कई प्रकार के होते है, ठीक इसी तरह का उदाहरण निहारिका सिंह के मामले में है कथित रूप से आयुष मंत्रालय में जिम्मेदारी भरे पद को सम्भालने वाली मोहतरमा को इस पूरे प्रकरण को समझने के लिए रामायण या रामचरितमानस को गौर से पढ़ना पड़ेगा, अगर गौर से नही पढ़ा तो एक बार सरसरी निगाह से ही पढ़ना पड़ेगा, क्योंकि बिना पढ़े और केवल मिथ्या भाषण किये गए ज्ञान से भयानक उत्पात होना तय है।

पहला मामला नही है:

अगर निहारिका सिंह के मामले को देखे और उनकी एक्टिविटी पर नजर डाले तो यह पहला मामला नही है जब निहारिका ने हिंदुत्व और देवी देवताओं पर निशाना साधा हो, कई मौकों पर तो निहारिका भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी अनाप सनाप बोलती हुई नजर आयी है।

हालांकि इस पोस्ट के बाद निहारिका सिंह का फेसबुक प्राइवेट हो चुका है, और इसी बीच आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने ट्वीट के माध्यम से निहारिका सिंह उर्फ़ मीशा ठाकुर के आयुष मंत्रालय का मीडिया सलाहकार होने के दावे को गलत बताया है। मंत्री श्रीपद नाइक ने ट्वीट कर कहा है, “इस तरह की कोई कंसल्टेंट आयुष मंत्रालय में नहीं है।

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उदय बुलेटिन
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