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आखिर सरकार बार-बार क्यों आरोग्य सेतु एप को इंस्टाल करने की बात कर रही है?

आने वाले दिनों में सरकार आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल ई-पास के तौर भी कर सकती है। मतलब आप में अगर कोरोना कोरोना के लक्षण नहीं है तो आपको काम पर जाने की अनुमति मिल सकती है।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

मामला बड़ा संजीदा है, क्योंकि कोरोना के इलाज में अभी भी कारगर उपाय सिर्फ खोजे जा रहे है, वैकल्पिक दवाओं का चुनाव किया जा रहा है। हालांकि वैक्सीन के विकाश में दुनिया की तमाम फ़ार्मास्यूटिकल्स कंपनियां और सरकारे दिन रात एक करके लगी हुई है। ऐसे वक्त में आरोग्य सेतु बचाव का एक तगड़ा हथियार बना हुआ है।

कैसे करता है काम :

हालाँकि आरोग्य सेतु एक स्मार्टफोन एप है जिसका कोरोना के इलाज से कोई लेना देना नहीं है। चूँकि बचाव के लिए वर्तमान में कोई दूसरा उपाय नही है इसलिए इस एप के माध्यम से आप कोरोना से बचाव कैसे बचें और आपको कोरोना के लक्षण है कि नहीं ये जान सकते हैं।

दरसअल जैसे ही आप आरोग्य सेतु एप को अपने स्मार्टफोन में इंस्टॉल करते है वह आप से कोरोना के लक्षणों से सम्बंधित कुछ चुनिंदा सवाल करता है मसलन, क्या आपको तेज बुखार है ? या आपको खांसी है, साथ ही क्या आप सांस लेने की तकलीफ से गुजर रहे है, जाहिर सी बात है अगर आपमे ये लक्षण नहीं है तो आप इन सवालों के जवाब में न लिखेंगे। इसके तुरंत बाद ही यह आपको सुरक्षित जोन में दिखाता है, कहने का मतलब आपको कोरोना के लक्षण नहीं हैं। लेकिन इसके बाद की कार्यप्रणाली आप शायद नहीं समझ पाते क्योंकि असल खेल इसके बाद ही शुरू होता है।

अगर आपने इस एप को इंस्टॉल किया हुआ है और एप द्वारा मांगी गई परमिशन को गौर से देखा होगा यह एप्लिकेशन आपसे आपके स्मार्टफोन की ब्लूटूथ और लोकेशन को हमेशा ऑन रखने की बात कहता है।

जैसे ही आप किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर जाते है वह दूसरे स्मार्टफोन से संवाद करता है जहाँ वह यह सुनिश्चित करता है कि आप जिन जिन लोगों के संपर्क में आये है उनके लक्षण कैसे है क्या उन्हें कोरोना से जुड़े हुए कोई लक्षण तो नहीं है?

बात यही तक सीमित नहीं रहती, इस एप का कमाल इसके बाद तो और ज्यादा कमाल का हो जाता है उदाहरण के लिए आप किसी मिल्क बार मे दूध लेने के लिए जाते है और आप जिस वक्त कोई खरीददारी कर रहे होते है वहाँ चार व्यक्ति और होते है जहां कोई व्यक्ति ऐसा होता है जो आज से 10 दिन बाद कोरोना पॉजिटिव हो जाता है तो यह एप चूंकि उन लोगो से संवाद कर चुका होता है तो यह आपको ग्रीन जोन से हटाकर संदिग्धता के आधार पर ऑरेंज या यलो कर देता है। अर्थात आप संक्रमण की शंका में है और यह एप उन सभी लोगों को भी इंगित कर देता है जो उस घटना के बाद आप से सम्पर्क में आये है।

कोरोना ट्रैकिंग में होती है सरलता:

दरअसल यह एप सिर्फ आपको सचेत नहीं करता बल्कि यह एप सरकारी चिकित्सा एजेंसियों को भी इन्फॉर्म करता है ताकि सरकार आपको ट्रैक करके संक्रमण की चैन को तोड़ सके। एप की वजह से लोकेशन ऑन रहने पर एजेंसियों को सभी संभावित संक्रमितों की लोकेशन का पता चलता है।

तो मामला यह है कि मुद्दा आपकी और हमारी जान से जुड़ा हुआ है तो आइए सरकार के कंधे से कंधे को मिलाकर इस बीमारी से लड़ते है, आइये इस एप को इंस्टाल करते है।

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उदय बुलेटिन
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