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जियो निकाल सकता है चीनी कंपनियों का दिवाला, गूगल-जिओ करार से उड़े होश

जियो-गूगल के इस करार से अमेरिका बहुत खुश है, कुछ समय पहले अमेरिका के विदेश मंत्री ने जिओ की जमकर तारीफ़ की थी। भारत में चीनी सामानों का बहिष्कार जिओ और गूगल के लिए फायदेमंद साबित होगा।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

भारत के स्मार्टफोन बाजार में चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी किसी से छिपी नहीं है, चीनी विरोध के बाद भी कंपनियाँ अपना लगातार बिजनेस करने में कामयाब हुई है लेकिन गूगल-जिओ करार के बाद इन चायनीज कंपनियों के माथे पर शिकन आना लाजमी है।

जिओ-गूगल करार की अहम बातें:

बीते दिनों जिओ की सालाना एजीएम मीटिंग सम्पन्न हुई है जिसमें जियो ने अपनी आने वाली महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के बारे में जानकारी साझा की। इस जानकारी के बाद ही चीनी कंपनियों के होश फाख्ता हैं। दरअसल जिओ ने विश्वप्रसिद्ध चिप (प्रोसेसर) निर्माता कंपनी क्वालकॉम और गूगल के साथ करार किया है, जिसके तहत जियो भारत मे ही सहयोगियों की मदद से सस्ते 4 जी और 5 जी स्मार्टफोन का निर्माण करेगी जिससे भारत के निचले तबके के लोगों के पास इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुँच हो सके।

यहां आपको बताना आवश्यक होगा कि एक वक्त था जब भारत में 4 जी और 5 जी तकनीकी के लिए विदेशों खासकर चीन पर निर्भर रहना पड़ता था । लेकिन अब जियो ने न सिर्फ स्वदेशी तौर पर तकनीकों को विकसित करने का सार्थक कदम उठाया बल्कि 5 जी की तकनीकी को नए तरीके से विकसित किया। जिसकी वजह से चीन की नामी गिरामी कंपनियों जैसे हुवावे को भारी नुकसान हुआ है।

भारत मे जिओ 5 जी:

चीनी कंपनियां संकट में:

अगर स्मार्टफोन जगत में देखे तो चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी न सिर्फ सबसे ज्यादा है बल्कि प्राइस रेंज में भी काफी वैराइटी उपलब्ध हैं जिसकी वजह से मिड रेंज से लेकर स्मार्टफोन तक इन्ही कंपनियों का कब्जा है। भारतीय और अन्य विदेशी कंपनियां इन चाइनीज़ स्मार्टफोन्स के सामने ठहर भी नहीँ पाती। लेकिन अब जियो के इस कदम के बाद इन कंपनियों के माथे पर बल आना लाजिमी है, अगर जियो के ट्रैक रिकार्ड को देखा जाए तो इसके फैसले हर हालत में अपने प्रतिद्वंद्वियों के लिए समस्या जैसे ही साबित होते है।

जियो ने यह प्रस्तावित किया है कि जियो गूगल और क्वालकॉम मिलकर ऐसे सस्ते स्मार्टफोन का निर्माण करेगी जिससे इनकी पहुँच हर भारतीय तक सुनिश्चित हो और इससे सबसे बड़ा नुकसान चीनी स्मार्टफोन्स कंपनियों को होना तय है।

गूगल के साथ जियो का करार:

जो भी हो बाजार के स्वदेशी तकनीकी युक्त होने से सीधा-सीधा लाभ भारत और भारत की जनता को होने वाला है। और कहीं न कहीं चीनी सरकार की हरकतों का मुआवजा चीनी कंपनियां भुगतेंगीं।

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उदय बुलेटिन
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