Honk Responsibly in Mumbai
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मुंबई पुलिस ने मारा नहले पर दहला, अगर फर्जी में हॉर्न पर हाँथ मारा, समझो लंबा रुकोगे।

बेबजह हॉर्न बजाने वालों को सबक सिखाएगी मुंबई पुलिस।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

वैसे तो पुलिस को बेहद अख्खड़ और गर्म मिजाज माना जाता रहा है, लेकिन अब देश की आर्थिक राजधानी की पुलिस ने ट्रैफिक सिग्नलों पर कूकते हॉर्न शान्त करने का नायाब तरीका निकाला है, जिससे या तो मुंबई वाले सुधर जाएंगे, नही तो रुके रहो.........

मुम्बई जिसे लोग फिल्मी सितारों की दुनिया के नाम से जानते हैं या तो आर्थिक राजधानी लेकिन मुम्बई पुलिस ने इसे एक नया नाम दिया है हॉन्किंग कैपिटल, अर्थात ( भयानक हॉर्न बजाने वाला शहर)।

तो भैया माजरा यह है कि पूरी की पूरी मुंबई सुबह से लेकर रात तक चिल्लाती रहती है, किसी भी ट्रैफिक सिग्नल पर आप ज्यादा देर तक खड़े नहीं रह सकते हैं। लेकिन मुम्बई पुलिस ने लोगों की हॉर्न बजाने की आदत का एक नया इलाज निकाला है जिसमें न तो कोई चालान होगा, और न ही कोई पेनाल्टी लगेगी बस केवल एक ही सजा है कि आप जितना शोर मचाएंगे उतनी ही देर ज्यादा खड़ा होना पड़ेगा।

पनिशिंग सिग्नल का सेटअप :

मुंबई पुलिस ने कुछ ट्रैफिक सिग्नल पर नई तकनीक का उपयोग किया है। मुंबई पुलिस इसे पनिशिंग सिग्नल से इंट्रोड्यूस कर रही है, इसकी मुख्य खासियत यह है कि ये सिग्नल अपने सेटअप के साथ डेसिबल मीटर को जोड़े हुए है, अगर सिग्नल पर रेड लाइट है और वहां खड़ी हुई गाड़ियों से लगातार बेवजह हॉर्न की आवाज आती रहती है तो सिग्नल मैकेनिज्म से जुड़ा हुआ डेसिबल मापक यंत्र इसका मापन करता है और यह आवाज जैसे ही 85 डेसिबल से ऊपर जाती है तो ग्रीन सिग्नल होने के लिए जो समय सीमा होती है वह खुदबखुद अंत मे आकर रिसेट हो जाएगी, उदाहरण के लिए अगर ग्रीन सिग्नल के लिए 90 सेकेंड का वेटिंग टाइम है तो वह लगातार कम तो होगा लेकिन अगर बेवज़ह हॉर्न बजाए जाएंगे तो वह ग्रीन सिग्नल की समय सीमा 0 पर जाकर फिर से 90 सेकेंड हो जाएगी, तो हुई न करारी बात।

मुंबई पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने इसे मुंबई के चुनिंदा सिग्नल पर किया है, अगर मुंबई पुलिस को इसके सकारात्मक परिणाम मिलते है तो यह सिस्टम पूरी मुंबई में स्थापित किया जाएगा।

निष्कर्ष यह है कि अब मुंबई पुलिस बिल्कुल "भाई" मोड़ में आ चुकी है, अगर आपने बेवजह हॉर्न बजाया तो अब आपका बैंड बजेगा, वो भी बिना किसी लाठी डंडे और पेनाल्टी से।

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उदय बुलेटिन
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